40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ग) क्या वह इस तथ्य से अवगत हैं कि तीमारपुर के क्वार्टरों की तुलना में नई दिल्ली में सरकारी क्वार्टर शत-प्रतिशत ठीक हालत में हैं_
(घ) क्या वह इस तथ्य से भी अवगत हैं कि तीमारपुर के सी टाईप के क्वार्टरों में पानी का केवल एक टैप है जबकि इसी प्रकार के नई दिल्ली के क्वार्टरों में पानी के तीन से चार टैप उपलब्ध हैं_
(घ) क्या वह इस तथ्य से अवगत हैं कि क्या कोई भी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर या उच्चाधिकारी इन क्वार्टरों में यह देखने के लिए नहीं गया है कि प्रत्येक क्वार्टर की मरम्मत ठीक से हुई अथवा नहीं हुई है तथा कोई भी किरायेदारों की सुविधाओं को नहीं देखता_ और
(च) सरकार उन लोगों से समान किराया क्यों लेती है जो अपर श्रेणी के क्वार्टरों में रहते हैं तथा वह नई दिल्ली के क्वार्टरों की तुलना में बहुत कम सुविधाएं हैं? क्या सरकार का यह प्रस्ताव है कि इन मामलों की जांच की जाए और किराए को कम किया जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ।
(ख) नहीं। परन्तु मैं इस तथ्य से अवगत हूँ कि इन क्वार्टरों की प्रायः मरम्मत कराने की आवश्यकता होती है।
(ग) नई दिल्ली के क्वार्टर तीमारपुर के क्वार्टरों की तुलना में अधिक अच्छे हैं।
(घ) जी हां।
(घ) नहीं। दूसरी ओर मेरी सूचना यह है कि इन क्वार्टरों का नियमित रूप से विभाग के उत्तरदायी कर्मचारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता है। उसी स्थल पर एक पूछताछ कार्यालय है जहां किराएदार अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
(च) यह संभव नही है कि सरकारी कर्मचारियों से एक ही प्रकार के क्वार्टरों के लिए अलग-अलग किराया लिया जाए चाहे कुछ क्वार्टरों में सुविधाएं कम ही क्यों न हों। तीमारपुर के क्वार्टरों का स्टैंडर्ड किराया नई दिल्ली के इसी प्रकार के क्वार्टरों की तुलना में कम है और इसके फलस्वरूप इन क्वार्टरों के अधिकांश किराएदार अपने वेतन के दस प्रतिशत भाग से कम अदा करते हैं। इन क्वार्टरों के किराए को कम करने का प्रश्न नहीं उठता।
प्रोफेसर एन. जी. जंगाः क्या पुराने क्वार्टरों के लिए सुविधाओं को सुधारने के लिए कदम उठाए गए हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः उन्हें पहले ही सुविधाएं दी जा चुकी हैं।