348 अभ्रक जाँच-पड़ताल समितियों की नियुत्तिफ़ के लिए प्राधिकार - Page 58

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 43

श्री टी. एस. अविनाशलिंगम चेटिट्यारः क्या अनुदान में वृद्धि की गई अथवा क्या यह वहीं राशि है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः वह वही राशि है।

श्री लालचन्द नवलरायः यदि मैं इन पुस्तकों को भेजूँ जो मेरे पास हैं तो क्या माननीय सदस्य इनका अध्ययन करेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः यदि मुझे समय मिलता है तो मैं इन पुस्तकों का अध्ययन करूँगा।

श्री बद्री दत्त पांडेः मेरे पूर्व प्रश्न के उत्तर में माननीय सदस्य यह कैसे कहते हैं कि सदन के पटल पर लेखाओं का विवरण रखने का प्रश्न नहीं उठता जबकि प्रश्न में यह निश्चय ही कहा गया है कि लेखाओं का विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा कि किस प्रकार यह राशि व्यय की गई?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं प्रश्न को समझ नहीं पाया।

श्री बद्री दत्त पांडेः आपने अभी यह कहा कि सदन के पटल पर लेखाओं के विवरण के रखे जाने का प्रश्न नहीं उठता परन्तु जैसा कि भाग (ख) में बताया गया है, यह प्रश्न का निश्चित भाग है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मुझे खेद है। मेरे पास जो सूचना है, मैं उसे सदन के पटल पर रखँगा।

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ऽअभ्रक जाँच-पड़ताल समितियों की

नियुत्तिQ के लिए प्राधिकार

1801. श्री राम नारायण सिंहः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रांतीय विधायी सूची की सातवीं अनुसूची के अनुसार भारत सरकार अधिनियम, 1935 की मद 27 में कहा गया है कि अभ्रक उद्योग प्रांतीय विषय है_ और यदि हां तो क्या इस अधिनियम में प्रदत्त शत्तिQयों के अनुसार भारत सरकार द्व ारा मौजूदा अभ्रक जाँच-पड़ताल समिति का गठन हुआ है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मुझे अपने उत्तर में कुछ और नहीं बढ़ाना है जो मैने 20 नवम्बर, 1944 को इस विषय पर श्री सत्य नारायण सिन्हा के अल्प सूचना प्रश्न के उत्तर में कहा था।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 9 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2631