351 बोविन और अन्य तकनीकी योजनाओं के अन्तर्गत हिन्दू पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों को सुविधाएं - Page 60

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 45

श्री एन. एम. जोशीः क्या मैं यह पूछ सकता हूँ कि क्या यह सच है कि भारत में अभ्रक के मालिकों को जो कीमत अदा की जाती है, उससे कहीं अधिक कीमत पर अभ्रक अमरीका में बेची जाती है। इस प्रकार अधिक लाभ होता है और यह अधिक लाभ कौन ले जाता है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मुझे इस प्रश्न के लिए नोटिस की आवश्यकता है।

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ऽहिन्दू पिछड़ी जातियों के उम्मीदवारों को श्रम

अधिकारी आदि के रूप में नियुत्तQ किया जाना

1803. श्री एम. घियासुद्दीनः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या हिंदू पिछड़ी जातियों यथा अहीर, गड़रिया, तेली, तंबोली, कहार, लोहार, बढ़ई और कुम्हार में से उपयुत्तQ उम्मीदवारों में से श्रम अधिकारी, श्रम निरीक्षक, श्रम विधि सलाहकार और श्रम कल्याण समाज अधिकारी के पद पर नियुत्तिQ की गई है_ (ये जातियां आनुवंशिक रूप से व्यावसायिक और कारीगर वर्गों की होती है और देश में इनकी जनसंख्या सोलह से सत्रह करोड़ तक है) और यदि नहीं है तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः तुरंत उपलब्ध सूचना से ऐसा लगता है कि इन विशेष वर्गों से कोई भी अधिकारी नियुक्त नहीं हुआ है।

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ऽबोविन और अन्य तकनीकी योजनाओं के अन्तर्गत

हिन्दू पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों को सुविधाएं

1804. श्री एम. घियासुद्दीनः क्या माननीय श्रम सदस्य पिछड़े वर्गों यथा लोहार, बढ़ई, गड़रिया, कुम्हार और तेली के उम्मीदवारों को सरकारी सुविधाएं देंगे जो आनुवंशिक रूप से व्यावसायिक तथा कारीगर वर्गों के लोग हैं और क्या उन्हें बोविन प्रशिक्षणार्थियों की योजना अथवा ऐसी ही अन्य टेक्निकल योजनाओं में भाग दिलाएंगे जो यदा कदा बनाई जाती हैं_ और यदि नहीं तो क्यों नहीं?

ऽ वही, पृष्ठ 2799

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 9 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2619