48 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सभापति महोदयः प्रश्न यह हैः
फ्कि भारतीय खान अधिनियम, 1923 में और संशोधन करने वाले विधेयक को
पुरःस्थापित करने की अनुमति दी जाए।य्
प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः श्रीमन् मैं विधेयक पुरःस्थापित करता हूँ।
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ऽसरकारी कर्मचारियों के लिए
अपर्याप्त आवास व्यवस्था
24. श्री एम. अनन्तशायनम आय्यंगरः क्या श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) सरकारी विभागों में उन लिपिकों और सहायकों की संख्या कितनी है जिन्होंने क्वार्टरों के लिए आवेदन किया है परन्तु उन्हें नई दिल्ली में आवास आवंटित नहीं किए गए हैं_
(ख) उन अधीक्षकों की संख्या कितनी है जिन्होने सरकारी क्वार्टर के लिए आवेदन-पत्र दिया है परन्तु उन्हें अभी तक आवास नहीं दिया गया है_
(ग) नई दिल्ली और करोल बाग में अधिगृहीत घरों और फलैटों की संख्या कितनी है जो युद्ध के दौरान (क) और (ख) में वर्णित व्यक्तियों को सौंपे गए हैं अथवा सौंपे जाने का प्रस्ताव है_
(घ) नई दिल्ली और करोल बाग में उन घरों और फलैटों की संख्या कितनी है जो उनके मालिकों को 1 जनवरी, 1946 को या इस तारीख से सौंपे गए हैं अथवा सौंपे जाने का प्रस्ताव है_ और
(घ) जिन्होने 1 जनवरी, 1945 से पूर्व आवास के लिए आवेदन-पत्र दिया है, उन्हें सरकारी आवास कब तक मिल जाने की आशा है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) और (ख) क्वार्टरों के आवेदन-पत्रों को दो वर्गों में विभाजित किया जाता हैं, अर्थात् - ( I ) अधिकारी जिन्हें 600 रुपये से कम वेतन मिलता है_ और ( II ) अधिकारी जिन्हें 600 रुपये या इससे अधिक वेतन मिलता है। सभी लिपिक, सहायक और कुछ अधीक्षक वर्ग ( i ) के अन्तर्गत आते हैं। इस वर्ग के अन्तर्गत आवेदन पत्रों की संख्या 16,256 है जिन्हें आवास आवंटित
ऽ वही, 5 फरवरी, 1946, पृष्ठ 247