364 भारतीय बोविन लड़के - Page 71

56 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(च) इन प्रशिक्षार्थियों से अपनी शिकायतों को बताते हुए कोई प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है_ यदि हां तो इसका क्या प्रभाव होगा और इसका क्या परिणाम निकलेगा, और

(छ) क्या यह सच है कि बोविन प्रशिक्षण योजना के उद्देश्यों में से एक उद्देश्य का संबंध भारतीय प्रशिक्षार्थियों से था जिन्हें नियोक्ताओं और कारगारों के बीच सहयोग के तरीकों तथा ट्रेड यूनियन के ठोस सिद्धांतों के मूल्य को सिखाना था_ और यदि हां तो भारत में इन तकनीशियनों के प्रशिक्षण को ट्रेड संघवाद में किस प्रकार उपयोग करने का प्रस्ताव है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) 712 इस समय 75 व्यक्तियों का बैच प्रशिक्षणाधीन है।

(ख) 414 अन्य 168 प्रशिक्षार्थियों को सरकारी (केंद्रीय, प्रांतीय और भारतीय रियासतों) की रक्षा सेवाओं तथा रेलवे कारोबारों में काम पर लगाया गया था।

(ग) फैक्टरियों से 111 कामगार तथा अन्य कारोबारों से 9 कामगार युद्ध की वस्तुओं के उत्पादन-कार्य पर लगाए गए।

(घ) इंगलैंड से लौटने पर बोविन प्रशिक्षार्थियों को रोजगार पर लगाने के आदेश राष्ट्रीय सेवा (तकनीकी कर्मचारी वर्ग) अध्यादेश ¹नेशनल सर्विस (टेक्नीकल पर्सोनल) आडीनेंसह् के अधीन भारत सरकार द्वारा जारी किए गए थे। अधिकांश मामलों में बोविन प्रशिक्षार्थियों को ऐसा रोजगार दिया गया जो उनके इंगलैंड में प्राप्त प्रशिक्षण के अनुकूल था। कुछ मामलों में वे ऐसे कार्य पर नहीं लगाए जा सके जिनमें उन्होने विशेषज्ञता प्राप्त की थी तथा उन्हें अन्य कार्यों में लगाया गया जिसे वे अपने सामान्य प्रशिक्षण के सहारे संपन्न कर सकते थे। सरकार ऐसे सभी मामलों की जाँच-पड़ताल कर रही है तथा इस बात का प्रतिसंभव प्रयत्न किया जाएगा कि उन्हें उपयुक्त रोजगार मिले।

(घ) इस प्रकार के आश्वासन नहीं दिए गए जहां तक भारत सरकार की जानकारी है। विवरणिका में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि रोजगार की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती परन्तु इस बात का प्रत्येक संभव प्रयत्न किया जाएगा कि उन प्रशिक्षण् ार्थियों को उपयुक्त पदों पर काम में लगाया जा सके।

(घ) जी हां। युद्धोत्तर काल में उनकी मुख्य शिकायत यह है कि उन्हें उपयुक्त पदों पर काम में नहीं लगाया जाता जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हैं। इस बात का प्रत्येक संभव प्रयत्न किया जा रहा है कि बेरोजगार बोविन प्रशिक्षणार्थियों को सरकार और निजी कारोबारों में रोजगार दिलाया जाए। रोजगार कार्यालायों के प्रबंधकों को यह