365 दामोदर योजना के परिचालन के लिए गांवों का प्रस्तावित निष्क्रमण - Page 72

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 57

निदेश दिए गए हैं कि वे उन बोविन प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार दिलाने का सर्वाधिक प्रयत्न करें जो उनके कार्यालय में पंजीकृत हुए हैं। बोविन प्रशिक्षणार्थियों की बेरोजगारी के संबंध में स्थिति की समय-समय पर जाँच की जाएगी और यथासंभव व्यावहारिक दृष्टि से उनकी वैध शिकायतों को दूर करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।

(छ) जी हां। इंगलैंड में ट्रेड संघवाद की कार्य-पद्धति के अध्ययन की सुविधा बोविन प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराई गई। यह आशा की जाती है कि इस प्रकार जो अनुभव प्राप्त किया गया है, उससे बोविन प्रशिक्षणार्थि उस योग्य हो जाएँगे कि वे अपनी ओर से भारत में ठोस आधारों पर ट्रेड संघवाद का विकास करें।

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ऽदामोदर योजना के परिचालन के लिए

गांवों का प्रस्तावित निष्क्रमण

सभापति ः क्या मैं यह जान सकता हूं कि यह योजना कब प्रारंभ की गई और यह योजना कितनी आगे बढ़ी है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (श्रम सदस्य)ः मैं यह निवेदन करना चाहता हूं कि इस अवस्था में कुछ भी चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार को अपने विचार में ऐसा कोई संदेह नही है कि दामोदर नदी पर कुछ बांध बनाए जाएं। यह नदी बिहार और बंगाल में बहती है परन्तु इस स्थगन प्रस्ताव में जो प्रश्न पूछा जाता है जिसका तात्पर्य बलपूर्वक निष्क्रमण से है, उस बारे में मैं केवल यही कह सकता हूं कि अभी हम अति प्रारंभिक अवस्था में है, और अभी हम केवल जानकारी प्राप्त करने के प्रयास में लगे हैं कि इस योजना में कितनी भूमि जलमग्न हो जाएगी और ऐसा कितना क्षेत्र होगा जो प्रभावित होगा और हम इस बात के जानने के प्रयत्न में लगे हैं कि कितने लोगों का निष्क्रमण किया जाएगा, उनकी जोतों की किस्म क्या है और उनके अधिकार क्या हैं। इस समय वास्तव में कुछ भी विशेष नहीं है। सरकार ने ऐसी अवस्था में कोई कार्रवाई नहीं की है जो चर्चा का विषय बन सके और मैं यह कहना चाहूंगा कि मुझे आशा है कि सरकार इस मामले में किसी निश्चित निष्कर्ष पर आती है तो मैं सदन में ऐसा आलेख प्रस्तुत करूँगा जिसमें सरकार के निष्कर्ष होंगे और सभी सदस्य अपनी इच्छानुसार यह मामला उठा सकते हैं।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1946, 7 फरवरी, 1946, पृष्ठ 605-06