60 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इन इमारतों को युद्ध के दौरान बनाया गया था और मुझे इस समय उनके निर्णय की तारीख नहीं मालूम है।
श्री मोहन लाल सक्सेना ः क्या सदन के समक्ष इन इमारतों की खरीद की माँग आएगी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः क्यों? यह एक प्रशासकीय कार्य है।
श्री एम. अनन्तशायनम आय्यंगर ः यदि उन इमारतों को युद्ध के प्रारंभ में ही बना लिया गया होता और उनका जीवन 8 से 10 वर्ष का होता तो इस समय उनका जीवन तीन वर्ष अधिक बढ़ जाता। माननीय सदस्य यह आवश्यक क्यों समझते है कि 25 लाख रुपयें व्यय किए जाएं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैने बताया है कि यह मामला विचारशील है। अभी तक कोई भी मूल्य निर्धारित नहीं किया गया है।
श्री एम. आसफ अलीः मैं माननीय सदस्य के अंतिम उत्तर से पूर्व उत्तर को नहीं समझ पाया। उन्होने कुछ ऐसा बताया कि यह प्रशासकीय मामला है जिसके लिए इस सदन की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैने यह नहीं कहा था। मैने यह कहा था कि यह प्रशासकीय मामला था जिसके लिए सदन के परामर्श की आवश्यकता नहीं थी। इसके लिए बजट में व्यवस्था की जाएगी।
श्री एम. आसफ अली ः मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या राशि स्वीकृत होगी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए लाया जाएगा।
श्री एम. आसफ अली ः आप इसे किस रूप में ला रहे हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह मामला वित्त सदस्य के लिए विचारण् ाय है।
श्री एम. आसफ अली ः मैं चाहता हूं कि वह इसका उत्तर दें। इसमें कोई लाभ नहीं है कि माननीय सदस्य ऐसी स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति अपनाएं और यह कहें कि यह प्रशासकीय मामला है। उन्हें हमें उत्तर देना ही होगा।
श्री शशांक शेखर सान्याल ः उत्तर दिया जाए (कोई उत्तर नहीं - व्यवधान)
सभापति ः शांति, शांति। अब हम स्थगन प्रस्ताव पर विचार करेंगे।