विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 61
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ऽदिल्ली और नई दिल्ली में आवास स्थान की कमी
155. सर हसन सुहरावर्दी ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य इस बात से अवगत हैं कि युद्धस्थिति समाप्त होने के बावजूद दिल्ली में आवास स्थान की भारी कमी है_
(ख) क्या माननीय सदस्य इस बात से अवगत हैं कि नई दिल्ली किराया नियंत्रण आदेश (रेंट कंट्रोल ऑर्डर) और दिल्ली किराया अध्यादेश (दिल्ली रेंट आर्डिनेंस) के जारी होने के बावजूद मकान मालिक किराएदारों पर अत्याचार कर रहे हैं तथा कानून में प्रत्येक संभव बचाव का रास्ता निकालकर लाभ उठाते हैं_ और
(ग) क्या सरकार ऊपर बताए गए कानून को तब तक बनाए रखने की वांछनीयता पर विचार करने का प्रस्ताव करती है जब तक सामान्य दशा न हो और जब तक विधान सभा ऐसा कानून पारित न कर दे जिससे दिल्ली प्रांत में मकान मालिकों और किराएदारों के बीच मधुर संबंध स्थापित हों_
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जी हां।
(ख) मुझे अभी हाल ही में कोई शिकायत नहीं मिली है।
(ग) यह भारत सरकार का इरादा है कि नई दिल्ली और दिल्ली में किराये पर नियंत्रण किया जाना चाहिए जब तक सामान्य दशा न हो जाए।
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ऽऽब्रिटिश और गैर-भारतीय लोक
उपयोगिता की संस्थाएं
172. श्री के. सी. नियोगी ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि भारत में ब्रिटिश और गैर-भारतीय लोक उपयोगिता की संस्थाओं की संख्या क्या है तथा इन संस्थाओं में निहित राशि कितनी है और भारत में अथवा नगरपालिका अथवा अन्य कानूनी निकायों की ओर से इन संस्थाओं के अधिग्रहण हेतु सरकार की नीति क्या है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इस प्रश्न का उत्तर 18 फरवरी, 1946 को योजना और विकास के प्रभारी माननीय सदस्य द्वारा दिया जाएगा।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1946, 11 फरवरी, 1946, पृष्ठ 753
ऽऽ वही, पृष्ठ 769