76 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
384
ऽमुख्यालय में अधीक्षक इंजीनियर
- श्री मोहम्मद रहमत-उल्ला ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि राय साहिब सी.पी. मलिक को मुख्यालय में अधीक्षक इंजीनियर के पद के लिए स्थानापन्न अवसर दिया गया है_ और
(ख) क्या यह भी सच है कि उनकी तुलना में कई मुस्लिम इंजीनियर वरिष्ठ हैं परन्तु उनमें से किसी को भी स्थानापन्न रूप से काम करने का अवसर नहीं दिया गया है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क्र) नही? राय साहिब सी.पी. मलिक को प्रशासकीय विशुद्ध सुविधा की दृष्टि से सेकेण्ड सर्किल दिल्ली में अधीक्षक इंजीनियर के पद के मौजूदा कर्त्तव्यों को निभाने के लिए अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है।
(ख) जी हां, परन्तु वे अधीक्षक इंजीनियर के ग्रेड में पदोन्नति पाने के लिए अभी तक सक्षम नहीं है।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमद ः अधीक्षक इंजीनियरों के 13 पदों में से केवल एक पद मुस्लिम के हाथ में है और तथ्य के परिप्रेक्ष्य में इस विशेष पद पर मुस्लिम उम्मीदवार को क्यों नहीं नियुक्त किया गया?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यदि माननीय सदस्य मेरे उत्तर को देखना चाहेंगे तो उन्हे यह विदित होगा कि यह नियुक्ति स्थानापन्न रूप की नहीं है अपितु उनसे कर्त्तव्यों के निभाने भर के लिए ही कहा गया है।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमद ः उन्हें अधीक्षक इंजीनियर कहे बिना और किसी पारिश्रमिक के दिए बिना?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां।
डॉ. सर जियाउद्दीन अहमद ः यह तीसरा तरीका है ताकि मुसलमानों को नियुक्ति से रोका जाए। मैने कल यह सुझाव दिया था कि दक्षता और वरिष्ठता मापदण्ड होते हैं परन्तु इन दोनो के अतिरिक्त आप उसको पद ही नहीं मानते और उस पद का जो नाम दिया गया है, उसे स्वीकार नहीं करते तथा आप व्यक्ति से यह कहते हैं कि वह कर्त्तव्यों भर का निर्वाह करे?
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 3, 1946, 28 फरवरी, 1946, पृष्ठ 1668