तीसरा भाग
बौद्ध जीवन-मार्ग
शुभ-कर्म, अशुभ-कर्म और पाप।
लोभ और तृष्णा।
क्लेश और द्वेष।
क्रोध और शत्रुता।
मनुष्य, मन और मन का मैल।
स्वयं के बारे में और स्व-विजय।
बुद्धि, न्याय और सुसंगति।
चित्त की सतर्कता और एकाग्रता।
सावधानी, अप्रमाद और निर्भीकता।
दुख, सुख तथा दान और करुणा।
ढोंग।
सम्यक् मार्ग का अनुसरण।
सद्धम्म के साथ मिथ्या धर्म को मत मिलाओ।