3. राजनैतिक और सामरिक शक्ति सामाजिक व्यवस्था पर निर्भर करती है - Page 406

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  1. ‘‘भिक्षुओ! ऐसे समय में जब राजा अधार्मिक हो जाते हैं, तो उनके मन्त्री और

अधिकारी भी अधार्मिक बन जाते हैं। मंत्रियों और अधिकारियों के असदाचारी हो

जाने पर, ब्राह्मण और गृहस्थ भी असदाचारी बन जाते हैं। ब्राह्मणों और गृहस्थों

के, अधार्मिक हो जाने पर, नगरवासी और ग्रामवासी अधार्मिक बन जाते हैं।’’

  1. ‘‘किन्तु भिक्षुओ! जिस-जिस समय राजा धार्मिक होते हैं, तब राजा के मंत्री

और अधिकारी भी धार्मिक बन जाते हैं। जिस-जिस समय राजा के मंत्री और

अधिकारी सदाचारी बन जाते हैं, तो ब्राह्मण और गृहस्थ भी धार्मिक बन जाते

हैं। जिस-जिस समय ब्राह्मण और गृहस्थ धार्मिक बन जाते हैं, तो नगरवासी

और ग्रामवासी भी सदाचारी बन जाते हैं।’’

  1. ‘‘जब गायें नदी पार जा रही हों, यदि बूढ़ा बैल गलत रास्ते को मुड़ जाता है,

तो उसका अनुसरण करते हुए वे सभी गलत रास्ते को मुड़ जाती हैं। इसी प्रकार

मनुष्यों के मध्य, यदि किसी को मुखिया मान लिया जाता है तब वह कुटिलता

से चलता है तो दूसरे भी कुटिलता से चलेंगे।’’

  1. ‘‘इसी प्रकार जब राजा पथभ्रष्ट हो जाता है, तो समस्त राज्य कष्ट पाता है। जब

गायें नदी पार कर रही हों, यदि बूढ़ा बैल सीधे जाता है, वे सभी सीधे जाती

हैं, क्योंकि उसका रास्ता सीधा है। इसी प्रकार मनुष्यों के मध्य, यदि किसी को

मुखिया मान लिया गया है, जब वह सदाचरण से चलता है, तो दूसरे भी ठीक

से जीवन व्यतीत करते हैं। जब राजा अच्छा (सदाचारी) होता है, तो उनका

सम्पूर्ण राज्य सुखी जीवन बिताता है।’’

3. राजनैतिक और सामरिक शक्ति सामाजिक व्यवस्था पर निर्भर

करती है।

  1. एक बार तथागत राजगृह में गृध्रकूट पर्वत पर निवास कर रहे थे।

  2. उस समय मगध राज वैदेही-पुत्र अजातशत्रु, वज्जियों पर आक्रमण करना चाहता

था, और वह स्वयं से बोला, ‘‘भले ही वे कितने ही शक्तिशाली और ताकतवर

हों मैं इन वज्जियों को जड़ से उखाड़ फैंकूँगा, मैं इन वज्जियों को नष्ट कर

डालूँगा, मैं इन वज्जियों का सर्वनाश का डालूँगा।’’

  1. तब उसने मगध के प्रधानमंत्री वर्षकार ब्राह्मण को बुलाया और कहाः

  2. ‘‘हे ब्राह्मण! आओ और तथागत के पास जाओ और मेरी तरफ से श्रद्धापूर्वक

उनके चरणों में नमन करो। तब मेरी तरफ से उनका कुशल समाचार पूछो कि

वे बीमार और दुख से मुक्त हैं और आराम है सुखी हैं और स्वास्थ्य का आनन्द

ले रहे हैं।’’