2. भिक्षु और तपस्वी - Page 425

396 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

के चुगने के स्थान पर आये और वहाँ खुली हवा में चहल-कदमी करने लगे।

तब निग्रोध ने उन्हें इस प्रकार टहलते देखा, और उन्हें देखकर उसने अपने

अनुयायियों को सजग किया, और कहा, ‘‘शान्त हो जाओ! कोई ध्वनि मत करो।

श्रमण गौतम सुमगधा नदी के तट पर हैं।’’ जब उसने ऐसा कहा, परिव्राजक

शान्त हो गये।

  1. तब तथागत निग्रोध परिव्राजक के समीप गये, और निग्रोध उनसे इस प्रकार बोले,

हे भगवान! तथागत आयें। हे भगवान! तथागत आपका स्वागत है। चिरकाल के

पश्चात् तथागत ने इधर दर्शन देने की कृपा की है। आप कृपया एक आसन

ग्रहण करें। आप के लिये आसन सुसज्जित है।’’

  1. तथागत ने सुसज्जित आसन ग्रहण किया, और निग्रोध एक नीचा आसन लेकर,

उनके बगल में बैठ गया।

  1. तत्पश्चात् निग्रोध ने तथागत से कहा, ‘‘जैसा कि श्रमण गौतम हमारी सभा में

पधारे हैं, हम उनसे यह प्रश्न पूछना चाहेंगे, ‘भगवन्! तथागत का यह धम्म

क्या है? जिसमें वे अपने शिष्यों को प्रशिक्षित करते हैं, और जिसे वे शिष्य,

तथागत द्वारा इस प्रकार प्रशिक्षित होकर संतोष का अनुभव करते हैं, अपना

चरम आश्रय तथा सदाचरण का मुख्य सिद्धान्त स्वीकार करते हैं?’’

  1. ‘‘निग्रोध, दूसरे मत वाले के लिये, दूसरी धारणा वाले के लिये, दूसरे सम्प्रदाय

वाले के लिये, बिना अभ्यास और बिना शिक्षण के यह समझना कठिन है कि

जिसमें मैं अपने शिष्यों को प्रशिक्षित करता हूँ और जिसे वे, इस प्रकार होकर

संतोष का अनुभव करते हैं, अपना चरम आश्रय तथा सदाचरण का मुख्य

सिद्धान्त स्वीकार करते हैं।’’

  1. ‘‘किन्तु हे निग्रोध! तू मुझसे एक प्रश्न अपने ही सिद्धान्त के विषय में, इस

जीवन की कठोर नियमनिष्ठता के विषय में पूछो कि इन स्व-सन्तापनों में किस

बात की पूर्ति समाहित है, और किस बात की पूर्ति समाहित नहीं?’’

  1. तब निग्रोध तथागत से इस प्रकार बोले, ‘‘हम स्व-सन्तापन की तपस्याओं का

व्रत लेते हैं_ हम उन्हें भगवन्! मानते है, हम उनसे चिपके रहते हैं। इनमें किस

बात की पूर्ति समाहित है और किस बात की पूर्ति समाहित नहीं?’’

  1. ‘‘निग्रोध! मान लो कि एक तपस्वी नग्न रहता है, कुछ असंयत आदतों वाला

है, अपने हाथ चाटता है, यदि कोई कहे कि भिक्षार्थ पधारिए, तो उसका आदर

नहीं करता है, और न ही रुकता है, विशेष रूप से लाया गया कुछ भी

स्वीकार नहीं करता है, और न ही विशेष रूप से तैयार किया गया कुछ लेता