3. मल्लिका की निष्ठा - Page 503

474 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

  1. तब रानी ने नलि ब्राह्मण को तथागत के पास जाने को कहा और अपनी ओर

से, अपना शीश तथागत के चरणों में नवाने और उनके कुशल समाचार पूछने

के उपरान्त यह पूछने को कहा कि क्या उन्होंने वास्तव में कहा था, जो उनके

विषय में कहा जा रहा है।

  1. उसने आगे कहा, ‘‘ध्यान रखना, जो कुछ भी तथागत उत्तर दें ठीक मुझे वही

बताना।’’

  1. रानी की आज्ञा के अनुसार ब्राह्मण गया और तथागत से यथावत पूछा कि क्या

वास्तव में उन्होंने ऐसा कहा है।

  1. ‘‘हाँ, ब्राह्मण! हमारे प्रियजन शोक, संताप, कष्ट, पीड़ा, दुःख और विपत्ति लाते

हैं। ये कुछ प्रमाण हैं।’’

  1. ‘‘एक बार, यहीं श्रावस्ती में ही, एक स्त्री की माँ मर गयी और पुत्री, पागल

हो और अपने आये से बाहर हो, एक सड़क से दूसरी सड़क, एक चौराहे से

दूसरे चौराहे यह कहते हुए घूमती थीः क्या तुमने मेरी माँ को देखा है? क्या

तुमने मेरी माँ को देखा है?’’

  1. ‘‘एक अन्य प्रमाण श्रावस्ती की एक स्त्री का है जिसने अपने पिता, एक भाई,

एक बहन, एक पुत्र, एक पुत्री, एक पति को खो दिया था। पागल और आपे

से बाहर हो, वह स्त्री एक सड़क से दूसरी सड़क और एक चौराहे से दूसरे

चौराहे यह पूछते हुए घूमती थी कि क्या किसी ने उसके प्रियजनों को देखा है

जिन्हें वह खो चुकी है।’’

  1. ‘‘एक अन्य प्रमाण श्रावस्ती का ही वह व्यक्ति है, जिसने अपनी माता, अपने

पिता-एक भाई, एक बहन, एक पुत्र, एक पुत्री, एक पत्नी को खो दिया था।

पागल और आपे से बाहर हो, वह व्यक्ति एक सड़क से दूसरी सड़क और

एक चौराहे से दूसरे चौराहे पर पूछते हुए घूमता था कि क्या किसी ने उसके

प्रियजनों को देखा है, जिन्हें वह खो चुका है।’’

  1. ‘‘एक अन्य प्रमाण श्रावस्ती का ही वह व्यक्ति है, जिसने अपनी माता, अपने

पिता, एक भाई, एक बहन, एक पुत्री, एक पत्नी को खो दिया था। पागल और

आपे से बाहर हो, वह व्यक्ति एक सड़क से दूसरी सड़क और एक चौराहे

से दूसरे चौराहे पर पूछते हुए घूमता था कि क्या किसी ने उसके प्रियजनों को

देखा है, जिन्हें वह खो चुका है।’’

  1. ‘‘एक और प्रमाण श्रावस्ती की वह स्त्री है, जो अपने मायके गयी थी और वे

लोग उसे उसके पति से छीनकर उसका विवाह किसी और से करना चाहते

थे, जिसे वह पसन्द नहीं करती थी।’’