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26 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(1) यदि आप बलात्कार करते हैं, तो संघ के सदस्य नहीं रह पाएँगे। (2) यदि आप किसी की हत्या करते हैं, तो संघ के सदस्य नहीं रह पाएँगे। (3) यदि आप चोरी करते हैं, तो संघ के सदस्य नहीं रह पायेंगे। (4) यदि आप गलत साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं, तो संघ के सदस्य नहीं रह पाएँगे।’’ 18. ‘‘मान्यवर! मैं आपका कृतज्ञ हूँ कि आपने मुझे संघ-अनुशासन के नियमों को

बताया। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं उनके अर्थ और व्य×जन सहित

उन्हें पालन करने की पूरी कोशिश करूँगा।’’ सिद्धार्थ ने कहा।

14. संघ से मतभेद

  1. सिद्धार्थ को शाक्य-संघ का सदस्य बने आठ वर्ष बीत चुके थे।
  2. वह संघ का एक पक्का और समर्पित सदस्य था। जितनी रुचि उसे अपने मामलों

के लिए थी, उतनी ही उसे संघ के मामलों में भी थी। संघ के सदस्य के रूप

में उसका आचरण अनुकरणीय था, इसलिए वह सब का प्रियभाजन बन गया

था।

  1. उसकी सदस्यता के आठवें वर्ष में एक ऐसी घटना घटी, जो शुद्धोदन के परिवार

के लिए दुर्घटना बन गई और सिद्धार्थ के जीवन के लिए संकट। 4. इस दुःखद प्रकरण का आरम्भ इस प्रकार हुआ थाः

  1. शाक्यों के राज्य से सटा हुआ कोलियों का राज्य था। दोनों साम्राज्यों की विभाजक

रेखा रोहिणी नदी थी।

  1. खेत सींचने के लिए शाक्य और कोलिय दोनों रोहिणी नदी के पानी का उपयोग

करते थे। प्रत्येक वर्ष दोनों के बीच विवाद होता था कि रोहिणी नदी का पानी

पहले कौन और कितना लेगा? इन विवादों के कारण कभी-कभी झगड़े हो

जाते थे और दोनों ओर से लोग घायल भी हो जाते थे।

  1. सिद्धार्थ की आयु के अठाइसवें वर्ष में पानी के लिए शाक्यों के नौकरों और

कोलिय के नौकरों के बीच बड़ा विवाद हो गया। दोनों तरफ के लोग घायल

भी हुए।

  1. ऐसा जानकर शाक्यों और कोलियों ने अनुभव किया कि युद्ध के द्वारा इस

विवाद को सदा के लिए सुलझा देना चाहिए।