5. शांति का समाचार - Page 85

56 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

5. शांति का समाचार

  1. जब गौतम राजगृह में ठहरा हुआ था, तो पांच परिव्राजकों ने आकर उसकी

कुटी के निकट ही अपनी एक कुटी बनाई।

  1. उन पांचों परिव्राजकों के नाम थे-कौण्डिन्य, अश्वजित्, वप्प, महानाम और

भद्रिक।

  1. वे भी गौतम के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए और आश्चर्य करने लगे कि इसकी

प्रव्रज्या लेने का क्या कारण हो सकता है।

  1. उन्होंने भी उससे ठीक उसी प्रकार प्रश्न किया, जिस प्रकार बिम्बिसार नरेश ने

किया था।

  1. जब उसने उन्हें प्रव्रज्या लेने की परिस्थितियाँ बताइंर्, तो उन्होंने कहा ‘‘हाँ, हम

लोगों ने सुना है। लेकिन तुम्हारे चले जाने के बाद वहाँ क्या हुआ क्या इसकी

जानकारी तुम्हें है?’’

  1. सिद्धार्थ ने कहा-‘‘नहीं।’’ तब उन्होंने उसे बताया कि उसके चले आने कि

बाद कपिलवस्तु में कोलियों के विरुद्ध युद्ध के विरोध में शाक्यों में एक भारी

आंदोलन छिड़ा।’’

  1. ‘‘पुरुष-महिलाओं, लड़के-लड़कियों द्वारा प्रदर्शन किए गए और जुलूस निकाले

गए। उनके हाथों में झंडे थे और वे नारे लगा रहे थे-‘कोलिय हमारे भाई हैं,’

‘भाई-भाई के बीच लड़ाई लड़ना गलत है,’ ‘सिद्धार्थ गौतम के देश निकाले

के बारे में सोचो’ इत्यादि।’’

  1. ‘‘आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि शाक्य-संघ को एक सभा बुलानी पड़ी

और इस समस्या पर फिर से विचार किया गया। इस समय कोलिए के साथ

समझौता कर लेने के पक्ष में बहुमत था।’’

  1. ‘‘संघ ने पाँच शाक्यों को दूत की तरह कार्य करने के लिए चुना और उन पर

कोलियों के साथ शांति-समझौता का भार सौंपा गया।’’

  1. ‘‘जब कोलियों ने इसे सुना, तो वे बहुत खुश हुए। उन्होंने भी अपने में से पांच

जनों को चुन कर कोलियों के दूतों से बातचीत करके संधि-वार्ता चलाने का

निश्चय किया।’’

  1. ‘‘दोनों तरफ के दूत मिले और मध्यस्थता की। वे एक स्थायी परिषद बनाने

पर सहमत हुए। रोहिणी नदी के जल विभाजन संबंधी सभी प्रकार के झगड़ों