98 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
की आज्ञा का पालन नहीं करता/करते या बाधा डालते या डलवाते हैं या उनके द्वारा अभिरक्षा में लिये जाने के पश्चात निकल भागते हैं या फरार हो जाते हैं या अपने आप को किसी मकान या इमारत में बन्द कर लेते हैं या किसी जगह चले जाते हैं ताकि वारंट की उन पर तामील न की जा सके, तो दंडाधिकारी जिलाधीश को एक हुकमनामा जारी करेगा, जिसके अनुसार उसे निकटतम तहसीलदार को उस ब्राह्मण/उन ब्राह्मणों की भूसम्पत्ति जब्त करने के आदेश देने होंगे जो उस/उनके पास जायदाद रेहन या खेत या लखराजे के रूप में हो। यह भूसम्पत्ति तब तक जब्त रहेगी जब तक कि वह/वे आत्मसमर्पण नहीं करते और जब्ती के दौरान इस भूसम्पत्ति से जो वसूली होगी उससे सरकार को देय राजस्व की कटौती करने के बाद बाकी राशि का हिसाब रखा जाएगा और यह राशि उस व्यक्ति को दी जाएगी जिसके विरुद्ध या जिसके कारण या जिसके प्रति रोष के कारण कूहड़ मूलतः बनाया गया था या उस महिला/उन महिलाओं या उस बच्चे या उन बच्चों को दी जाएगी, जिनको घायल या कत्ल किया जाना था और कूहड़ बनाने वाले ब्राह्मण/ब्राह्मणों, अपनी महिलाओं या बच्चों या उनमें से किसी को घायल करने या उनकी हत्या करने की तैयारी करने वाले ब्राह्मणों के आत्मसमर्पण या गिरफतारी के बाद उसकी/उनकी भूसम्पत्ति मुक्त कर दी जाएगी। लेकिन उसके/उनके मूल अपराध/अपराधों के लिए धारा 3 और 4 में निर्विदिष्ट तरीके से उनके विरुद्ध मुकदमा चलाया जाएगा।
राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही किये जाने पर ब्राह्मण कूहड़ बनाते हैं अथवा महिलाओं या बच्चों को घायल करने या उनकी हत्या करते हैं तो जिलाधीश, दंडाधिकारी को आवेदन करेगा।
VI. यदि 1795 के विनियम 6 के अन्तर्गत प्राधिकृत तरीके से स्थानीय तहसीलदार या बनारस के जिलाधीश द्वारा राजस्व की बकाया राशि की वसूली के लिए जारी किये गये किसी दस्तक या रिट की तामील का विरोध करने के उद्देश्य से किसी ब्राह्मण/ ब्राह्मणों द्वारा कूहड़ बनाया जाता है या अपनी महिलाओं अथवा बच्चों या उनमें से किसी को घायल करने या उनकी हत्या करने की तैयारी की जाती है, तो ऐसी स्थिति में यदि तहसीलदार के दस्तक का विरोध किया जाता है, तो वह इसकी सूचना मिलने पर इन को लागू करने पर जोर नहीं देगा, अपितु वह मामले की जानकारी तुरन्त जिलाधीश को देगा जिसके साथ दस्तक की तामील करने के लिए प्रतिनियुक्त पत्रवाहक को लिखित सबूत भेजेगा। इस जानकारी के प्राप्त होने पर या उसकी अपनी ओर से की जाने वाली कार्यवाही का इसी प्रकार विरोध होने पर जिलाधीश सरकारी वकील के माध्यम से ब्राह्मण/ब्राह्मणों से बकाया राशि तथा उसके द्वारा स्वयं या अपनी तहसील द्वारा इसे वसूल करने के लिए की गयी कार्यवाही की परिस्थितियों के बारे में न्यायाधीश तथा नगर या जिला के दंडाधि कारी से, जिसके क्षेत्राधिकार में वह भूसम्पत्ति होगी, जिसके कारण राशि बकाया है,