अछूत और ब्रिटिश सरकार - Page 116

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से सर्किट कोर्ट द्वारा दिया जाएगा, लेकिन जिन व्यक्तियों को सजा दी जाएगी, उन्हें यह स्पष्ट करना होगा जैसा कि एतद्द्वारा स्पष्ट रूप से यह भी प्रावधान किया गया है कि ऐसे सभी विचारण और दिये गये दंड सर्किट कोर्ट द्वारा (उसी रीति से जैसा कि 1793 के विनियम 9 की धारा 47 विनिर्दिष्ट है) निजामत अदालत के सामने रखे जाएँगे और इस धारा के अन्तर्गत दंडित व्यक्ति निजामत अदालत का अन्तिम निर्णय आने तक जेल में रहेंगे। यदि निजामत अदालत, दंड का अनुमोदन करती है तो वह सम्बन्धित ब्राह्मण/ ब्राह्मणों को कलकत्ता भेजने का आदेश देगी, जिसे/जिन्हें 1795 के विनियम 16 की धारा 23 के अनुसार वहाँ से आजीवन देश निकाला दे दिया जाएगा, जैसाकि बनारस प्रांत में ब्राह्मणों द्वारा हत्या के कानूनी दंड को कम करने का इस विनियम में प्रावधान है। यदि निजामत अदालत समझती है कि कूहड़ बनवाने वाले ब्राह्मण/ब्राह्मणों को अथवा कूहड़ को प्रज्वलित करने के काम में लगे या सहायता करने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों को सर्किट कोर्ट के आदेशों के अनुसार दंड देना जरूरी नहीं है, तो निजामत अदालत ऐसे मामले/मामलों को परिषद् के गवर्नर जनरल को भेजेगी और दंड माफ करने या दंड कम करने की, जो भी उक्त न्यायालय उचित समझे सिफारिश करेगी।

महिलाओं तथा बच्चों को घायल करने वाले ब्राह्मणों को दंड

VIII. यदि एक ब्राह्मण या कई ब्राह्मण इस विनियम की प्रस्तावना तथा बाद में वर्णित परिस्थितियों में और रीति में अथवा इससे प्रायः मिलते-जुलते किसी अन्य आक्रामक हथियार से या किसी अन्य प्रकार से अपनी महिलाओं या बच्चों को या दूसरों की महिलाओं या बच्चों को या इनसे किसी को इसलिए घायल करेगा कि उस/ उन को आमिलों, तहसीलदारों अथवा राजस्व या न्याय विभाग के अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा पहुँचाई गयी या अपनी महिलाओं या बच्चों या किसी अन्य महिला या बच्चे को इसलिए घायल करेंगे कि उनके किसी व्यक्ति के साथ मतभेद है, तो उसे अथवा उन्हें ऐसे कार्य अथवा कार्य करने के लिए सर्किट अदालत निर्वासित कर दंड देगी, बशर्ते धारा-7 में उल्लिखित मामलों की तरह ऐसा मामला अदालत को भेजे जाने पर निजामत अदालत दंड कम नहीं कर देती या माफ नहीं कर देती।

महिलाओं अथवा बच्चों की हत्या करने वालो ब्राह्मणों के लिए दंड

IX. यदि कोई एक ब्राह्मण या कई ब्राह्मण इस विनियम की प्रस्तावना तथा बाद की धाराओं में वर्णित हालात में और रीति से अथवा इससे प्रायः मिलते-जुलते हालात में और रीति से तलवार या किसी अन्य आक्रामक हथियार से या अन्य प्रकार से अपनी महिलाओं या बच्चों को या दूसरों की महिलाओं या बच्चों को या इनमें से किसी को इसलिए कत्ल करेगा/करेंगे कि उस/उनको आमिलों, तहसीलदारों अथवा राजस्व या न्याय विभाग के अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा चोट पहुँचाई गयी या अपनी महिलाओं या बच्चों या किसी