(i) अंग्रेजी संविधन के आधरभूत सिद्धान्त - Page 144

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हैं उन्हें दूर करने और इसे भारतीय छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए इन व्याख्यानों द्वारा अंग्रेजी संविधान पर डिके के निबन्ध में संशोधन किया गया है।

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अंग्रेजी संविधान के आधारभूत सिद्धान्त

डिके के अनुसार तीन सिद्धान्त ऐसे हैं जिनके कारण अंग्रेजी संविधान दूसरे देशों के संविधानों से विशिष्ट हो जाता है। ये सिद्धान्त हैंµ

  1. संसद की विधायी सर्वोच्चता।

  2. विधि के शासन का लागू होना।

  3. संविधान का परम्पराओं पर आश्रित होना।

इस कथन पर दो टिप्पणियाँ की जा सकती हैं कि ये सिद्धान्त अंग्रेजी संविधान के विशेष लक्षण हैं। ऐसा इस अर्थ में है कि ये अदृश्य सिद्धान्तों में नहीं मिलते हैं। एक तो यही है। बहरहाल, इनमें से कुछ लक्षण अब इतने सही नहीं रहे, जितने कि वे तब थे, जब डिके ने यह निबन्ध लिखा था। उदाहरण के तौर पर संसद की विधायी सर्वोच्चता वर्ष 1930 में पारित वेस्टमिनिस्टर कानून से कुछ कम और सीमित हो गयी। दूसरी टिप्पणी यह की जा सकती है कि ये लक्षण, विशेष रूप से विधि शासन का लागू होना, और संविधान का परम्पराओं पर आश्रित होना केवल अंग्रेजी संविधान की ही विशेषता नहीं है। परम्परा में सभी संविधानों का लक्षण है और विधि शासन एक अर्थ में किसी न किसी रूप में संयुक्त राज्य में भी है। लेकिन अंग्रेजी संविधान में जिस ढंग से और जिस हद तक इन सिद्धान्तों का समावेश हुआ है, उस हद तक अन्य संविधानों में इनका समावेश नहीं हुआ है। निस्सन्देह इसी अर्थ में, न सिद्धान्तों के कारण, अंग्रेजी संविधान अन्य संविधानों से विशिष्ट है।

(1) संसद की विधायी सर्वोच्चता

अंग्रेजी संविधान के एक सर्वप्रथम और प्रमुख टीकाकार श्री मोन्टेस्क्यू ने अपने अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि अंग्रेजी संविधान में एक ऐसी विशेषता थी, जो जिस समय उसने लिखा उस समय फ्राँस के संविधान में नहीं थी। उसने देखा कि अंग्रेजी संविधान में राज्य के तीन अंग विधायिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका अपनी बनावट तथा कृत्यों की दृष्टि से एक दूसरे से अलग हैं। प्रत्येक का अपना कार्य क्षेत्र है और दूसरे के क्षेत्र में प्रवेश करने का उसे कोई अधिकार नहीं है। जिस समय वह यह टीका लिख रहे थे, उन दिनों अंग्रेजों को जो भी स्वतन्त्रता प्राप्त थी, वह उनके देशवासियों को प्राप्त नहीं थी, इसका कारण उन्होंने अंग्रेजी संविधान की यही विशेषता बतायी। वह अंग्रेजी संविधान के इस सिद्धान्त की खूबी से इतने प्रभावत हुए कि उन्होंने इसे राजनैतिक संगठन के एक महत्त्वपूर्ण सिद्धान्त के रूप में प्रस्तुत किया और उन्होंने अपने संविधान में इसे सम्मिलित करने की अपने देशवासियों से सिफरिश की। मोन्टेस्क्यू के शक्तियों के पृथक्करण के इस