(ii) संसद क्या है? - Page 151

136 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के बीच एक विवाद खड़ा हो गया। इसे 1911 के संसद के अधिनियम द्वारा निपटाया गया। यह अधिनियम अंग्रेजी संविधान के बारे में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण विधान है क्योंकि इससे कई मामलों में महत्त्वपूर्ण रूप से हाउस ऑफ लॉर्ड्स की वीटो शक्ति प्रभावित हुई है।

1911 का संसदीय कानून केवल सरकारी विधेयकों के मामलों में ही लागू होता है। यह गैर-सरकारी विधेयकों के मामलों में लागू नहीं होता। गैर -सरकारी विधेयकों के सम्बन्ध में हाउस ऑफ लॉर्ड्स की वीटो शक्ति ज्यों की त्यों बनी हुई है। यद्यपि यह सरकारी विधेयकों के मामले में लागू होती है परन्तु यह उन सब पर लागू नहीं होती। यह ऐसे सरकारी विधेयक पर लागू नहीं होता जो संसद के कार्यकाल को प्रभावित करता है। संसद के कानून के अन्तर्गत हाउस ऑफ कॉमन्स की वीटो शक्ति, ऐसे विधेयकों के मामले में जिसमें यह लागू नहीं होता, हाउस ऑफ लॉर्ड्स की वीटो शक्ति का वही प्रभाव नहीं पड़ता। इसका प्रभाव अलग-अलग होता है। संसद का कानून सरकारी विधेयकों को दो वर्गों में विभाजित करता हैः (क) सरकारी विधेयक, जो वित्त विधेयक होते हैं और (ख) सरकारी विधेयक, जो वित्त विधेयक नहीं होते हैं। एक वित्त विधेयक ऐसा सरकारी विधेयक है जिसमें हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष के मतानुसार निम्नलिखित सभी विषयों अथवा उनमें से किसी विषय के बारे में प्रावध ान होते हैंµ अर्थात्, कर लगाना, करों का निरसन, करों की माफी, करों में परिवर्तन या करों का विनियमन। ऋणों के भुगतान अथवा समेकित निधि पर प्रभारों के वित्तीय प्रयोजनों हेतु या संसद द्वारा उपबंधित धन पर कर लगाना, ऐसे किसी प्रभार में परिवर्तन करना या ऐसे किसी प्रभार का निरसन करना, सार्वजनिक धन की पूर्ति, विनियोग, प्राप्ति, अभिरक्षा, निर्गम या लेखा परीक्षा, कोई ऋण लेना उसकी गारंटी देना, अथवा उसका शोधन और इनमें से किसी विषय के अधीनस्थ अथवा अनुषंगी मामला। इस कानून में उल्लिखित है, कि यदि कोई वित्त विधेयक हाउस ऑफ कॉमन्स पारित कर देता है और सत्र के समाप्त होने से कम-से-कम एक महीने पहले वह विधेयक हाउस ऑफ लार्ड्स को भेज दिया जाता है और इस प्रकार विधेयक उसे भेजे जाने के पश्चात एक महीने के भीतर, बिना संशोधन के हाउस ऑफ लार्ड्स उस विधेयक को पारित नहीं करता, तो विधेयक यदि हाउस ऑफ कॉमन्स प्रतिकूल निर्देश नहीं देता, महामहिम को प्रस्तुत किया जाएगा और विधेयक को हाउस ऑफ लार्ड्स की सहमति प्राप्त न होने पर भी, राजा की स्वीकृति मिल जाने पर संसद का कानून बन जाएगा।

अन्य सरकारी विधेयकों के सम्बन्ध में 1911 के संसद के कानून में प्रावधान है कि यदि हाउस ऑफ कॉमन्स लगातार तीन सत्रों (उसी संसद में या बाद में) कोई विधेयक पारित करता है और सत्र समाप्त होने से कम-से-कम एक महीने पूर्व, उसे हाउस ऑफ लार्ड्स को भेजता है और प्रत्येक सत्र में हाउस ऑफ लार्ड्स उसे अस्वीकार कर देता है,