(iv) उच्च सदन (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) - Page 161

146 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

प्रतिनिधि अभिजात

प्रतिनिधि अभिजात दो वर्गों में आते हैं। स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि अभिजात और आयरलैंड के प्रतिनिधि अभिजात। स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि अभिजातों को 1707 में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुए सम्मिलन की सन्धि के आधार पर यह हक मिला है, जिसके आधार पर वे एक देश और एक राजा के अधीन आ गये और जिसका नाम युनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन हो गया। इंग्लैंड के साथ उसके सम्मिलन से पहले स्कॉटलैंड का अपने अभिजात वर्ग के साथ 1800 में सम्मिलन हुआ था। स्कॉटलैंड की तरह आयरलैंड का भी अपना अभिजात वर्ग था जिसे आयरलैंड की पुरानी संसद में बैठने का पुश्तैनी अधिकार था इंग्लैंड के साथ सम्मिलन की सन्धियों के आधार पर आयरलैंड और स्कॉटलैंड का एकीकरण होने के पश्चात यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि स्कॉटलैंड और आयरलैंड के पुराने अभिजातों को ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड की नयी संसद में कितना प्रतिनिधित्व दिया जाये? इंग्लैंड के अभिजातों ने दावा किया कि सभी अंग्रेज अभिजातों को नयी संसद में बैठने का अधिकार दिया जाये। स्कॉटलैंड और आयरलैंड के अभिजातों ने भी अपने वर्ग के सभी सदस्यों के लिए ऐसे अधिकार की माँग की।

अतः जो समझौता हुआ उसमें यह तय हुआ। (1) कि इंग्लैंड के हर अभिजात को नई संसद में बैठने दिया जाये। (2) स्कॉटलैंड के अभिजात को अपने अभिजात वर्ग से नई संसद में अपने प्रतिनिधियों के रूप में 16 सदस्य चुनने की अनुमति दी गयी। (3) आयरलैंड के अभिजातों को अपने अभिजात वर्ग से 28 अभिजातों का चयन करने की अनुमति दी गयी। स्कॉटलैंड के अभिजात एक संसद की कालावधि के लिए चुने जाते हैं। जब संसद भंग होती है तो स्कॉटलैंड के अभिजात वर्ग द्वारा स्कॉटलैंड के 16 नये अभिजातों का निर्वाचन किया जाता है। दूसरी ओर आयरलैंड के प्रतिनिधि पूरे जीवन के लिए अभिजात निर्वाचित किए जाते हैं, और संसद के भंग होने पर आयरलैंड के अभिजातों के लिए कोई नया निर्वाचन नहीं होता। कोई नया निर्वाचन तभी होता है जब मृयु के कारण अथवा कोई अन्य निरर्हता के कारण आयरलैंड के किसी प्रतिनिधि अभिजात का स्थान खाली हो जाता है।

एकीकरण के समय से पूर्व विद्यमान इन प्राचीन क्षेत्रीय अभिजात वर्गों के अतिरिक्त एक चौथा अभिजात वर्ग भी बनाया गया था जो युनाइटेड किंगडम के अभिजात के नाम से जाने जाते थे। इन्हें हाउस आफ लार्ड्स में बैठने का अधिकार था। राजा, स्कॉटलैंड के अभिजात की उपाधि दे सकता था। उस स्थिति में यदि अभिजात की उपाधि पुश्तैनी है तो वह अभिजात आयरलैंड और स्कॉटलैंड के साथ सम्मिलन की सन्धि होते हुए भी हाउस ऑफ लार्ड्स में बैठने का अधिकारी होता था।