(v) उच्च सदन और सामान्य सदन की शक्तियाँ तथा विशेषाधिकार - Page 164

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हाउस ऑफ लॉर्ड्स में बैठने के लिए राजा से आमन्त्रण प्राप्त करने के अधिकारी हैं। आर्क बिशप और बिशप तब तक इसके अधिकारी हैं जब तक वे अपने पद पर रहते हैं और असाधारण अपीलीय लॉर्ड आजीवन इसके अधिकारी रहते हैं। फिर भी वे शब्द के कानूनी अर्थों में अभिजात नहीं हैं, क्योंकि अभिजात से पुश्तैनी अधिकार की झलक आती है।

V

ब्रिटिश संसद के लार्ड तथा सामान्य सदस्यों की

शक्तियाँ तथा विशेषाधिकार

संसद के दोनों सदन को सामूहिक रूप से संसद के संघटक अंग होने के नाते कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं। ये विशेषाधिकार उनकी सत्ता की पुष्टि करने और उनके कृत्यों के सही निष्पादन के लिए आवश्यक हैं। संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के रूप में सामूहिक रूप से प्राप्त विशेषाधिकारों के अलावा अन्य विशेषाधिकार भी हैं जो सामूहक सदस्यों को निजी तौर पर प्राप्त हैं। ये अधिकार उन्हें अपनी रक्षा और अपनी आजादी तथा गरिमा की सुरक्षा के लिए दिये गये हैं।

भाग- I

संसद के विशेषाधिकार

1. हाउस ऑफ कॉमन्स के विशेषाधिकारµ बाहरी व्यक्तियों को अन्दर न आने देना और बन्द कमरे में वाद-विवाद करना हाउस ऑफ कॉमन्स का एक विशेषाधि कार है। इस विशेषाधिकार का उद्भव दो अलग परिस्थितियों में हुआ है। इस परिस्थिति का सम्बन्ध हाउस ऑफ कॉमन्स में सदस्यों के लिए बैठने की व्यवस्था से है। यह व्यवस्था इतनी दोषपूर्ण थी कि बाहरी व्यक्ति और संसद के सदस्य एक साथ मिल जाते थे। इसका परिणाम यह होता था कि मत विभाजन के समय सदस्यों के साथ बाहरी व्यक्तियों की भी प्रायः गिनती कर ली जाती थी। इसे रोकने के लिए सभा ने माँग की कि बाहरी व्यक्तियों को अन्दर न आने दिया जाये। दूसरी परिस्थिति का सम्बन्ध हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्यों पर राजा द्वारा की जाने वाली जासूसी की प्रणाली से था। चूँकि उन दिनों सभा में सदस्यों के भाषणों का वृत्तान्त तैयार करने की व्यवस्था ठीक नहीं थी और राजा की आकांक्षा यह जानने की थी कि उसके मित्र कौन हैं और उसके शत्रु कौन हैं, राजा ने जासूस नियुक्त किये जिनका काम सभा में सदस्यों द्वारा दिये गये भाषणों की जानकारी राजा को देना था। इसके अनुसरण में राजा द्वारा सदस्यों को भयभीत किया जाता था और अन्य तरीकों से उनके प्रति अप्रसन्नता का प्रदर्शन किया जाता था जिससे सदस्यों की स्वतन्त्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। राजा की जासूसी से अपनी रक्षा करने के लिए सभा के पास एकमात्र उपाय यह था कि बाहरी व्यक्तिय के अन्दर आने पर रोक लगा दी जाये।