अध्याय-1 : प्राचीन भारतीय वाणिज्य - Page 27

12 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

यूरोप व अफ्रीका तक ले गये। हिंद महासागर ने स्वयं अपनी सभ्यता विकसित की, जिससे जावा से एबीसीनिया तक अर्द्धवृत्त तथा कुछ हद तक जातीय भिन्नता के कारण एबीसीनिया से मोजाम्बिक तक का क्षेत्र प्रभावित हुआ। एक महान समुद्री शक्ति बनने से काफी पहले ही हिंदू लोग हिंद महासागर में एक महान वाणिज्यिक राष्ट्र बन गए थे और बाद में ओमन तथा यमन के व्यापारियों के साथ-साथ उनका व्यापार भी पूर्व अफ्रीकी तट पर स्थित देशों के साथ होने लगा। मसकट, एडन, जंजीबार, पैम्बा तथा नैटाल पत्तनों पर इनके अनेकों व्यापारी हैं।’’ ख्1,

प्राकृतिक साधनों के बारे में इस प्रारंभिक जानकारी और भारत के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्राचीन काल में प्राचीन सभ्यता के अन्य देशों से भारत के वाणिज्यिक संबंधों का पता लगाएंगे।

भारत के प्राकृतिक संसाधनों तथा आर्थिक विकास की इस समीक्षा के बाद हम बहुत प्राचीन काल से अन्य पुरातन सभ्यताओं के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों का निरूपण करेंगे। हम मिस्र से आरंभ करते हैं। आरंभ में यह कहना बेहतर होगा कि इतिहास के शुरू में भारत और अन्य देशों के बीच वाणिज्यिक लेन-देन के बारे में बहुत कम साक्ष्य उपलब्ध हैं और ये साक्ष्य रीति-रिवाजों या प्राचीन खंडहरों से निकाली गयी चीजों से मिलते हैं। तथापि समय गुजरने पर ठोस सबूत सामने आने लगते हैं। संसार के अतुल्य सम्पन्न क्षेत्र में स्थित मिस्रवासी शेष लोगों के मुकाबले आर्थिक तौर पर स्वतंत्र थे और यहाँ तक कहा जाता है कि उनको आर्थिक आत्म-निर्भरता पर इतना गर्व था कि उन्होंने विदेशी संपर्क पर रोक लगा दी थी। लेकिन यह बात सच्चाई से दूर है और इसके अतिरिक्त इस कथन के असत्य को सिद्ध करने के लिए हमारे पास कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं, फिर भी स्पष्ट हो जाता है कि यह बात सही नहीं है।

मिस्र के लोग भारत से सीधा व्यापार करते थे या नहीं µ यह एक विवाद का विषय है। दोनों ही मान्यताओं की आलोचना हुई है। हेरोडोटस का कहना है कि सैसोस्टिस जिसकी गार्डीनर वाक्न्सिन ने रैमसेसे द्वितीय के रूप में पहचान की, एक मजबूत जहाजी बेड़ा लेकर सभी तटीय देशों को पराजित करता हुआ जलडमरूमध्यों से आगे हिंद महासागर पहुँच गया जबकि उसकी थल सेनाएँ गंगा तक पहुँच गयीं। ख्2,

मिस्र से इजराइल के लोगों के प्रस्िान से काफी पहले भारत के मिस्र के साथ व्यापारिक संबंध थे और फिलोटरास बन्दरगाह इस प्राचीन व्यापार का केन्द्र था।

मिस्र के लोगों का भारत के साथ प्राचीन समय में सीधा संबंध था या अरेबिया के माध्यम से उस देश का माल भारत के माल के साथ भेजा जाता था। यह निश्चय करना

  1. ऐलन चर्चिका सेम्पलµ ‘इंफल्लूऐंसेज ऑफ जिओग्राफिक एनवायरमेंट, पृ. 309

  2. विलियम राबर्टसन, ‘डिस्क्वजिशन ऑफ इंडिया’