30 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
और आध्यात्मिक लाभ मिलते थे और जो धर्म उन्होंने अपनाया था उसके प्रसार के लिए उसी झंडे के नीचे चलते थे। ख्1, इस प्रकार अपने शिष्यों को जीत के लिए तैयार करके मुहम्मद ने अपना मिशन अपने उत्तराधिकारी खलीफों पर छोड़ दिया। अली को वीरोचित उत्साह के उत्कृष्ट विवेक ने उनकी प्रजा को उनका अनुकरण करने के लिए प्रेरित किया और कलह की विचारधाराओं से प्रेरित प्रतिभाओं का पैगम्बर के पंथ और प्रभुत्व का प्रचार करने के लिए अधिक उपयोगी ढंग से प्रयोग किया गया। उमासकस के महल की काहिली तथा मिथ्या मिसाल के कारण भवन के उत्तरवर्ती ओमियाह के राजकुमारों में अच्छे राजनेताओं और सन्तों के गुण नहीं रहे। फिर भी अज्ञात राष्ट्रों से लूट का माल उन्हें लगातार मिलता रहा। फिर भी अरब की महानता में निरंतर वृद्धि होने का कारण यह नहीं है बल्कि इसका कारण उनमें राष्ट्रीयता की भावना होना है। इसका एक मुख्य कारण उनके शत्रुओं का कमजोर होना है। मुहम्मद का जन्म सौभाग्य से ऐसे समय हुआ जब पारसी, रोमन और यूरोप के क्रूर लोग काफी पतित और अव्यवस्थित हो गये थे। ट्राय, किसुतुंनतुनिया या चारलेमैवाने साम्राज्य ने अरब के खानाबदोश लोगों और धर्मान्धता को मार भगाया होता और मतान्धता की लहर अरब के रेगिस्तान में खो गयी होती। उसी उत्साह तथा सफलता के साथ उन्होंने औगस्टस तथा आरटैक्सरेक्टस के उत्तराधिकारियों पर आक्रमण किया और उसी समय विरोधी राजतन्त्र एक ऐसे शत्रु के शिकार हो गये जिनको वे तुच्छ समझते रहे। ओमर के दस वर्ष के प्रशासन में अरब के खानाबदोश लोगों ने छत्तीस हजार नगर या किले अपने अधीन कर लिये। उनके धर्म में विश्वास न रखने वाले लोगों के चौदह हजार गिरिजाघर अथवा मन्दिर नष्ट कर दिये और मुहम्मद के धर्म के लिए प्रयोग में लाने हेतु चौदह हजार मस्जिदों का सुधार किया। उसके मक्का आने के एक सौ वर्ष बाद उसके उत्तराधिकारियों के शस्त्र शासन भारत से अटलांटिक समुद्र तक बहुत से दूरवर्ती प्रांतों तक फैल गये जिनके नाम हैंः (1) परसिया, (2) सीरिया, (3) मिस्र, (4) अफ्रीका और (5) स्पेन। ख्1, मुसलमानों के इस बड़े साम्राज्य में आगस्टय और एन्होसाइन की सरकार में सहज आज्ञाकारिता का प्रचार हो गया था। फिर भी मुहम्मद के धर्म का प्रमुख प्रभाव इस बड़े क्षेत्र में फैल गया। कुरान की भाषा तथा कानून का समरकन्द तथा सवले में पूरी लगन से अध्ययन किया जाता था। अफ्रीका तथा भारत के लोग देशवासियों तथा भाइयों की भाँति मक्का की तीर्थ यात्रा पर जाने लगे और अरबी भाषा का टिगरी नदी के पश्चिम की ओर सभी प्रांतों में आम भाषा के रूप में प्रयोग किया जाने लगा। ख्2,
अरब के व्यापार में जो कुछ भी विस्तार हुआ वह धार्मिक कारणों से हुआ, लेकिन
गिब्बन, ‘डिक्लाइन एंड फाल ऑफ दी रोमन एम्पायर’ खंड 5, पृष्ठ 401
वही, पृष्ठ 493