32 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
प्रतिष्ठा उसे लौटाने की आशा की जाती थी। एक मुसलमान की दृष्टि से रूढि़वादी इस्लाम की सत्ता पुनः स्थापित करने और अविवादी शियाई मन के क्रान्तिकारी प्रभाव से मुसलमानों को मुक्ति दिलाने से उनको यश ही मिला, क्योंकि शियाई मत इस्लाम के लिए न तो गम्भीर खतरा था और न ही सभ्यता को उनसे कोई डर था। उन्हें एक तटस्थ शक्ति समझा जाता था। उन्होंने ही फारसी और अरब लोगों के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध स्थापित किये। ख्2, सेल्जुक के शासनकाल में तुर्की के खर्च पर तुर्की भाषा साहित्यिक स्मारक बनाना बहुत ही दुर्लभ हो गया था। ख्1, सेल्जुक मुसलमानों में कई कबीले और परिवार थे। उनमें से एक गुज के नाम से जाना जाता था। इन निरन्तर दावा करने वाले पक्षों में से गुज परिवार जो शेष परिवारों का कृपापात्र नहीं था, सत्ता में आ गया और निकटवर्ती मुसलमान प्रांतों के लिए खतरा बन गया। पीगू अर्सेताँ इजरायल के नेतृत्व में से ओक्स को पार करके फारस के पूर्वी प्रांतों में फैल गये। उन्होंने गजनबी राजा महमूद को मीरों की लड़ाई में 1040 में पराजित करके अपनी आजादी की घोषणा कर दी। शीघ्र ही सेल्जुक मुसलमान पूरे मध्य एशिया में प्रभावशाली हो गये ओर इनका प्रभाव हेलेसपांट तक फैल गया। फ्एल्पं आरसिया की महान विजय के पश्चात् जिसमें यूनानी राजा को बन्दी बना लिया गया। (1071) एशिया के द्वार तुर्की लोगों के लिए खुल गये। यही कारण है कि किस्तुलमिश जो अरसतन पिगू (इजराइल) का पुत्र था, उसके पुत्र सुलेमान के लिए हेलेसपांट तक, जिनमें गद्दी को लेकर आपस में विवाद था, विशेष रूप से रोम के दो शत्रुओं, एशिया में नाइसफोरस बरूनीस और यूरोप में नाइसफोरस बोंटासिएटस को बन्दी बना लिए जाने के पश्चात् बढ़ जाना आसान हो गया। पहले उसने सुलेमान से सहायता की अपील की और उसकी सहायता से कुस्तुनतुनिया लाया गया तथा राजगद्दी पर बिठाया गया। ख्1, थोड़े समय में उन्होंने एंटीवोच को जीत लिया। सीरिया राजतन्त्र को स्थाई बनाने के लिए और बड़ी शान से 1234 तक इतना आगे बढ़ गये कि प्रायः पूरा एशिया सेल्जुक्स साम्राज्य के अन्तर्गत आ गया।
लेकिन आन्तरिक फूट और बाह्य आक्रमणों के कारण सेल्जुक साम्राज्य थोड़े समय तक ही रह सका। सेल्जुक साम्राज्य पर बाहर से आक्रमण करने वालों में सबसे आगे मंगोल थे। मंगोलों का प्राचीन इतिहास स्पष्ट नहीं है परंतु इसके बारे में जनश्रुतियाँ उपलब्ध हैं। मंगोलों के नायक चंगेजखाँ ने 1227 में किलियन घाटी में अपनी मृत्यु के समय अपने पुत्रों के लिए एक बड़ा साम्राज्य छोड़ा जो चीनी समुद्र से उनीपर के तटों तक फैला हुआ था। ख्2, चंगेजखाँ ने ओगदाई को अपना खाकन अथवा अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया और अपने विस्तृत साम्राज्य के कुछ भाग अन्य दावेदारों को दिये। ओगदाई
विश्वकोश ब्रिटानिका 11वाँ संस्करण, लेख ‘सेल्जुक्स’
विश्वकोश ब्रिटानिका 11वाँ संस्करण, लेख ‘सेल्जुक्स’
वही, खंड 18, पृष्ठ 712 ‘मंगोल’