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बन्दरगाहों के छोटे होने के कारण अमाल्फी एक बड़ा बाजार नहीं बन सका। इसलिए इसे अपने विरोधियों को मार्ग देना पड़ा। यह नारमन्स की थल शक्ति का शिकार हो गया, जिन्होंने नापिल्स सलैरनो पर ब्रिंडिसी को अपने नियन्त्रण में ले लिया था जबकि अन्य बेहतर स्थिति वाले राज्यों की समुद्री शक्ति इससे काफी अधिक बढ़ गयी थी।
अमाल्फी का पतन होने पर वीनस का उत्थान हुआ। चारलेमेगने के समय से एड्रियाटिक की रानी, राजनीति में तथा लेतानवी जगत के व्यापार में स्थान पाने लगी। इसकी अवस्थिति के कारण इसके जो फायदे थे, इटली के बन्दरगाहों के किनारे स्थित अन्य किसी कस्बे से वे फायदे नहीं हो सकते थे। समुद्र द्वारा मुख्य भूमि और समुद्र तल की नीची कटावदार दीवारों द्वारा खुले समुद्र से पृथक होने और प्रायः छिछले किन्तु बीच-बीच में गहरे जलमार्गों से घिरा होने के कारण वीनस को नागरिक तथा बाहरी व्यापारियों द्वारा बाहरी आक्रमण से सुरक्षित समझा जाता था। महाद्वीप की राजनीतिक अशान्ति ने इसे अटटीला के समय से शरण लेने का स्थान बना दिया था और एड्रियाटिक में समुद्री प्रतिस्पर्धा न होने से व्यापार तथा उपनिवेश बसाने के लिए और विजय प्राप्त करने के लिए वहाँ काफी गुंजाइश थी। ख्2, इसकी परोपकारी तटस्थता और इसकी वाइजेन्टाइन के प्रति निष्ठा से इसकी सम्पन्नता बहुत बढ़ गयी, क्योंकि पूर्वी साम्राज्य के पतन पर सम्पूर्ण एड्रियाटिक तट इसके प्रभाव में आ गया और वाइजेन्टाइन तट के मुख्य बाजार एन्टियोच, इनोपुइस्टीया, अदन, टारसुस, अटटालिया, स्ट्रोबीलोज, चिओस, एफलसस, फोइयासिया, हिराकिलया, सेलिमवारिया, चिराईसायोलिस, डैमैट्रियाज एंड्रियानोपले, एथैन्स, थैब्स, थिस्सालेनिबा, नगरोपांट, कोरिंथ, कोरफस, डुराजू आदि इसके प्रभाव में आ गये और वैनीसियन व्यापार के लिए खुल गये। वीनस की व्यापारिक नीति बहुत ही दूरदर्शी तथा विवेकपूर्ण थी। उसने सदैव विशेष रूप से समुद्री संघर्ष में शक्तिशाली का समर्थन करने का नियम बनाया। और अनेक अवसरों पर इसका प्रयोग किया और इस प्रकार अपने शत्रुओं को रौंदने और शक्तिशाली राज्यों का कृपा पात्र बन कर स्वयं एक माहन शक्ति बन गया।
जेनोआ एक और नगर राज्य प्राचीन व्यापार की भागीदारी में देर से आया। 1097 ई. में इसका उत्थान हुआ। स्वतन्त्र रूप में राज्य के प्रादुर्भाव के बारे में चम्पागना या राजनैतिक संस्था से जानकारी मिलती है जिसकी स्थापना अन्त में हुई थी और जिसका संचालन नगर पादरियों द्वारा स्वतन्त्र रूप में निर्वाचित और समर्थित काउंसलों द्वारा किया जाता था और जो आवर्ती जैसे धर्मनिरपेक्ष सामन्त होते थे। ख्2, 1097 से 1122 तक जेनोआ को व्यापार के मामले में महत्त्वपूर्ण रियायतें मिलती रहीं और उसने लेननटाइन तथा अफ्रीका दोनों के तटों पर कारखाने स्थापित कर लिये। इसका व्यापार अलेक्जेंड्रिया से होता हुआ
वही, खंड-2, पृष्ठ 401
रेमंड ब्रीजले, ‘दी डान ऑफ माडर्न ज्याग्राफी’ खंड-2, पृष्ठ 419