42 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
विवरण से यह सोचा जा सकता है कि धर्म-युद्धों का बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन किया गया। किन्तु इसमें कोई शंका नहीं है कि उनसे यूरोप के लोगों को काफी शिक्षा मिली और व्यापार में काफी वृद्धि हुई, क्योंकि इन धर्म-युद्धों से उन क्षेत्रों में व्यापारियों को स्थाई आधार मिल गया जहाँ ईसाई, शासकों के साम्राज्य नष्ट कर दिये गये थे।
धर्म योद्धाओं की सहायता करने के कारण इटली के गणराज्यों को बेहद पुरस्कृत किया गया। अनेक विशेषाधिकारों के अतिरिक्त प्रत्येक गणराज्य के अलग-अलग प्रभाव क्षेत्र बन गये जैसे कि इस समय चीन के प्रभाव क्षेत्र हैं। निकट पूर्व के पीछे बाजारों पर नियंत्रण के लिए उनमें आपस में होड़ लग गयी। धर्म-युद्ध में भाग लेने वाले सीरिया के मुस्लिम भीतरी प्रदेश में चार मुख्य बाजार अलेप्पो, उमासकस हैम्स या इमैसा तथा हबाथ थे, जिनके आगे बगदाद के और बड़े बाजार थे तथा मोसूल और बसेरा या बसरा के छोटे बाजार थे, जो तिमरी मार्ग पर मिलते थे। अलेप्पो पश्चिमी दिशा में अब्बासाइड खलीफा के महानगर से एंटियोच और लाप्रेडिकिया तक व्यापार मार्ग पर एक बड़ा केन्द्र था। यह मार्ग एडरिशी के अनुसार ईराक, पर्शिया और खोरासन के व्यापार का मुख्य मार्ग था। आतलेपी के रेशम बाशार से सिद्ध हो जाता है कि सुदूर पूर्व के और अधिक दूर के देशों से भी यह जुड़ा हुआ था। तेरहवीं शताब्दी के अन्त में भी बहुत से वेनिसी व्यापारी रेशम के माल और ऐलम के व्यापार के लिए यहाँ रहते थे। धर्म योद्धाओं को एंटियोच की जीत के बाद नगर में मिली कतिपय वस्तुओं और मिर्च से भी यह सिद्ध हो जाता है कि इस मार्ग से भूमध्य देशों और भारत के बीच व्यापार था। ज्येष्ठ सानूटों का यह कहना संभवतया ठीक ही है कि प्राचीन काल में प्राच्य माल अधिकतर चौदहवीं शताब्दी के आरम्भ में समुद्र तक जाता था। ख्1, अरबों और ईसाइयों की सेनाओं के तेजी से आगे आने से भारत को आने वाले लाल सागर मार्ग पर वास्तव में कोई प्रभाव नहीं पड़ा और अलेक्जेन्ड्रिया दो लोकों का बाजार बना रहा।
इटली के इन गणतन्त्रों ने प्राच्य वस्तुएँ प्राप्त करके महाद्वीप के उत्तर में पर्वतपारीय क्षेत्रों के साथ व्यापार शुरू कर दिया और भूमध्य मार्ग का यूरोपीय रकाब बन गया। उत्तर, व्यावहारिक रूप से अर्द्ध जंगली अवस्था में था। बाल्टिक सागर में व्यापारिक गतिविधियाँ बहुत कम थीं। वाइकिंग आधा व्यापारी तथा आधा डाकू था। जहाँ तक हम समझ सकते हैं उत्तर में ये व्यापारिक गतिविधियाँ फोइनीसियास और उनके यूनानी प्रवर्तकों की गतिविधियों से दो तरह से भिन्न थीं। ये गतिविधियाँ अच्छी तरह संगठित नहीं थीं। फोइनीसिया के लोगों के कुछ विशेष स्थानों पर कारखाने थे और उनके अधिकार तथा दायित्वों को मान्यता प्राप्त थी। लेकिन कस्बे और बस्तियों के बीच घोड़ों
- ब्रेसली, खंड-2, पृष्ठ 441