अध्याय-3 : ब्रिटिश सरकार से पूर्व का भारत - Page 62

47

नहीं हुए होंगे। वह धन का लोभी था तो उसका इस बात में भी कोई सानी नहीं था कि धन किस तरह बढ़ाया जाये।

उसके सभी यशस्वी उत्तराधिकारियों में एक स्त्री सुलताना रजिया थीं। फीरोजशाह अपने प्रशासन के लिए भली-भाँति जाना जाता है। उसने कई सार्वजनिक निर्माण कार्य किये। उसने सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए नदियों पर 50 बाँध बनवाए, 40 मस्जिद और 30 कॉलेज, 30 तालाब, 100 अस्पताल और 100 सार्वजनिक गुसलखाने, 150 पुल तथा सजावट और आमोद-प्रमोद के लिए कई भवन भी बनवाए। इसके अलावा उन्होंने यमुना में उस जगह से जहाँ यह पहाड़ों से अलग होती है, एक नहर हांसी और हिसार तक बनवाई। ब्रिटिश सरकार ने इसका आंशिक रूप से जीर्णोद्धार किया। इस राजा के इतिहासकार के अनुसार उस समय किसान खुशहाल थे, उनके मकान और फर्नीचर बहुत अच्छे थे और उनकी स्त्रियाँ सोने और चाँदी के आभूषण पहनती थीं। उस समय देश बड़ा सम्पन्न रहा होगा, क्योंकि इटली का एक यात्री मिलो डी कोटींगे जो 1420 ई. में भारत आया था, उसने गुजरात में जो कुछ देखा उसका बड़ा सुंदर वर्णन किया है। उसके अनुसार गंगा नदी के किनारे सुंदर बाग और बगीचों के बीच कई नगर बसे हुए थे। मारजिया पहुँचने से पूर्व उसने चार प्रसिद्ध नगरों को पार किया। उसके अनुसार मारजिया बहुत शक्तिशाली नगर था, जहाँ सोने-चाँदी तथा कीमती पत्थरों की भरमार थी। उनके विवेचन की बारबोरा और बारटेमा के विवरणों से पुष्टि होती है जिन्होंने सोलहवीं शताब्दी के आरम्भ में भ्रमण किया था। विशेष रूप से पहले के अनुसार कैम्बे एक बहुत ही बढि़या नगर था। यह एक सुन्दर प्रदेश में स्थित था जहाँ फलैंड्रस की भाँति सभी राष्ट्रों के व्यापारी, शिल्पकार और निर्माता रहते थे। सीजर फ्रेडरिक ने गुजरात का ऐसा ही वर्णन किया है। इब्नबतूता के अनुसार, जिसने पन्द्रहवीं शताब्दी के मध्य में मुहम्मद तुगलक के शासनकाल में भारत की यात्रा की वह अराजकता और अत्याचारों का जमाना था तथा उस समय देश के अधिकांश भागों में विद्रोह हो रहे थे। उस समय देश में बहुत से बड़े-बड़े घनी आबादी वाले नगर और कस्बे थे। उनके विवरणों से पता चलता है कि अराजकता फैलने से पूर्व देश की स्थिति बहुत अच्छी रही होगी।

भारत में मुगल वंश के संस्थापक बाबर ने देश को खुशहाली की दशा में पाया और वह हर असीम जनसंख्या तथा असंख्य शिल्पकार पाकर हैरान हुआ। वह परोपकारी राजा था और उसने बहुत से सार्वजनिक कार्य किये। शेरशाह, जिसने अस्थाई तौर पर मुगलों से गद्दी छीनी, वह अकबर को छोड़कर बाकी सभी मुसलमान बादशाहों में सबसे महान राजा था और बाबर की भाँति उसने कई सार्वजनिक निर्माण कार्य करवाए। अकबर के परोपकारी प्रशासन से सभी भली-भाँति परिचित हैं, इसलिए उसका वर्णन करने की आवश्यकता नहीं है।

शाहजहाँ ने अपनी प्रजा पर एक राजा की भाँति राज नहीं किया, बल्कि ऐसा राज