भाग दो
अध्याय 1. अछूत और ब्रिटिश सरकार
123 टाईप किए हुए पृष्ठों की यह पांडुलिपि ब्रिटानिया सरकार द्वारा दलित वर्गों की उपेक्षा के बारे में है। ब्रिटानिया सरकार ने दलित वर्ग के लोगों की सशस्त्र सेनाओं के सदस्यों के रूप में भर्ती नहीं की। डॉ. अम्बेडकर के मराठी जीवनी लेखक श्री सी.बी.
खैरमोड के अनुसार यह पांडुलिपि लंदन में गोल मेज सम्मेलनों के लिए अपने निवास के दौरान डॉ. अम्बेडकर द्वारा तैयार की गयी थी। इसका पहला पृष्ठ गायब है। पांडुलिपि जिस रूप में मिली उसी को यहाँ (हिंदी अनुवाद में) छापा गया है। - संपादक