अछूत और ब्रिटिश सरकार - Page 79

अध्याय 1

अछूत और ब्रिटानिया सरकार

एक

अमरीकी महाद्वीप की उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत पहुँचना था। कोलम्बस ने अकस्मात यह यात्रा आरम्भ नहीं की। यह भारत के लिए एक समुद्री मार्ग की खोज की योजना का हिस्सा थी। उन्हें इसके लिए सबसे पहले पुर्तगाल के राजा हेनरी से प्रेरणा मिली, जो इसमें काफी दिलचस्पी लेते थे। राजा हेनरी ने 42 वर्षों (1418-1460) के अपने शासनकाल में इसमें हर प्रकार से सहायता की।

यूरोप से भारत के बीच सीधे समुद्री मार्ग की इस खोज की क्या आवश्यकता थी इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसने पुर्तगाल, हालैंड, फ्राँस और इंग्लैंड के लोगों को अपने एकान्तवास से बाहर आने के लिए प्रेरित किया। परंतु केवल एक ही राष्ट्र द्वारा जोखिम उठाए जाने से अंग्रेज भारत नहीं पहुँच गये। इसके लिए कई राष्ट्रों ने मिल-जुल कर उपाय किये। प्रत्येक यूरोपीय राष्ट्र में इतनी उत्सुकता थी कि इस सामंजस्य के बावजूद यूरोपीय देशों में भारत पहले पहुँचने की होड़ लग गयी। पुर्तगाली पहले पहुँच गये तो इसका यह अर्थ नहीं है कि दूसरे सुस्त अथवा निष्क्रिय थे। अंग्रेजों और हालैंड के लोगों की धारणा थी कि भारत पहुँचने का आशा अन्तरीप के अलावा दूसरा छोटा रास्ता भी है और उनके भारत पहुँचने में विलम्ब का कारण यह था कि वे इसकी सम्भावनाओं का पता लगाने में व्यस्त थे। फ्राँसीसी यद्यपि अन्त में पहुँचे, तथापि पुर्तगालियों के बाद उनका दूसरा स्थान है। उन्होंने सबसे पहले 1529 में सुमात्रा की यात्रा की।

भारत पहुँचने की इस उत्सुकता का क्या कारण था? पुर्तगाल, स्पेन, इंग्लैंड, फ्राँस और हालैंड के लोगों में भारत पहुँचने का समुद्री मार्ग ढूँढ़ने के लिए सदियों तक आपस में होड़ क्यों लगी रही? इसका उद्देश्य विलास की सामग्री और विशेष रूप से मसाले, मिर्च, लौंग, जायफल आदि प्राप्त करना था जो केवल भारत तथा पूर्व से ही मिल सकते थे। यह आश्चर्यजनक प्रतीत होता है कि इन सभी की दौड़ मसालों के लिए थी। लेकिन तथ्य यह है कि मसालों ने यूरोप के विस्तार में मुख्य भूमिका निभाई। यूरोप के लोग पन्द्रहवीं व

  1. यूरोपियन बैकग्राउंड ऑफ अमरीकन हिस्ट्री, पृष्ठ 10-11