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एक तथ्य का ज्ञान यद्यपि वह लोक-प्रकृति का हो गजट में एक अधिसूचना
से निश्चित रूप से अनुमति नहीं होना है। यह दर्शाना चाहिए कि सूचना से
प्रभावित पक्ष ने उसे पढ़ लिया है।
धारा 38
- किसी भी देश की विधि विवरण में।
(अ) ऐसे देश की सरकार के प्राधिकारी के अधीन मुद्रित या प्रकाशित होने वाली
और किसी ऐसी विधि को अंतर्विष्ट करने वाली होने वाली और किसी ऐसी
विधि को अंतर्विष्ट करने वाली समझे जाने वाली पुस्तक में। 2. ऐसे निर्णीत नियमों का एक प्रतिवेदन होने का समर्थन करने वाली एक पुस्तक में
अंतर्विष्ट ऐसे देश के न्यायालय के एक निर्णीत नियम का प्रतिवेदन हो।
यह वहां लागू होता है जहां न्यायालय को, किसी देश की एक विधि के संबंध में एक अभिमत बनाना होता है।
तथ्यों, जो विवाद्यक तथ्यों या सुसंगत तथ्यों के साथ असंगत हैं या जो उन्हें अत्यधिक असंभावनीय बनाते हैं, के विशेष उदाहरणः-
वे हैं (1) ग्राह्य, (2) अपराध-स्वीकरण, और (3) निर्णय।
ग्राह्य
धारा 21
- ग्राह्य उस व्यक्ति के विरुद्ध और उसके प्रतिनिधि के विरुद्ध और हित में प्रकाशित
किया जा सकता है जो इसको बनाता है।
- प्रश्न है कि ग्राह्य क्या है? उससे पहले उस ग्राह्य की सुसंगतता के संबंध में कुछ
बातों को ध्यान में रख लेना चाहिए।
(1) ग्राह्य एक व्यक्ति के विरुद्ध प्रमाणित किया जा सकता है।
ग्राह्य एक व्यक्ति के पक्ष में उसके द्वारा प्रमाणित नहीं किया जा सकता है। एक वादी प्रतिवादी द्वारा किए गए ग्राह्य को प्रमाणित कर सकता है यदि इस वाद के लिए वह आवश्यक है। एक प्रतिवादी, वादी द्वारा किए गए ग्राह्य को प्रमाणित कर सकता है यदि वह उसके मामले के लिए आवश्यक है। किंतु एक वादी उसके द्वारा किए गए ग्राह्य को कितना भी सहायक हो सकता हो उसके मामले के लिए, प्रमाणित नहीं कर सकता है। उसी प्रकार एक प्रतिवादी उसके द्वारा किए गए ग्राह्य को वह उसके मामले में कितना भी सहायक हो, प्रमाणित नहीं कर सकता।
कारण है कि एक पक्ष को उसके अपने पक्ष में साक्ष्य सृजित करने को अनुमत नहीं किया जा सकता।
इस नियम के तीन अपवाद हैं जिनके अंतर्गत एक पक्ष उसके अपने पक्ष मेंं एक ग्राह्य का साक्ष्य देने के लिए अनुज्ञात किया जाता है।