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ग्रहणः
(1) पिता द्वारा किया गया, पुत्र के विरुद्ध प्रमाणित किया जा सकता है।
(2) मृतक द्वारा किया गया निष्पादक या प्रशासक के विरुद्ध।
(3) विक्रेता द्वारा किया गया क्रेता के विरुद्ध।
17-20 ग्रहण क्या है?
ग्रहण (1) औपचारिक अथवा (2) अनौपचारिक है।
1. अनौपचारिक ग्रहण हैः
(i) अभिकथनों में अंतर्विष्ट ग्रहण।
(ii) प्रश्नावलियों के उत्तर में ग्रहण।
(iii) ग्रहीत तथ्यों की सूचना पर ग्रहण।
(iv) ग्रहीत प्रलेखों की सूचना पर ग्रहण।
(v) वादेक्षकों द्वारा ग्रहण।
(vi) वकीलों द्वारा ग्रहण।
2. अनौपचारिक ग्रहण हैंः
(i) कथनों द्वारा
(ii) आचरण द्वारा
(1) कार्य या विलोपन
(2) मौन
(3) मौन समनुमति
- ग्रहण जिनका प्रमाण धारा 21 द्वारा अनुमत किया जाता है औपचारिक ग्रहण नहीं है। धारा 21 अनौपचारिक ग्रहण मात्र के साथ संबंध रखती है। वह आचरण द्वारा अनौपचारिक ग्रहण के साथ संबंध नहीं रखती है। वह केवल कथन में अंतर्विष्ट अनौपचारिक ग्रहणों के साथ संबंध रखती है। यह कार्यों के साथ नहीं समर्थनों के साथ संबंध रखती है।
5. एक ग्रहण की परिभाषा जैसी धारा 21 में उपयोगी है, धारा 17-20 तक भी फैली हुई है।
एक ग्रहण एक अभिकथन है, मौखिक या प्रलेख्य, जो धाराओं 18, 19, 20 में उल्लिखित एक व्यक्ति द्वारा बनाए गए किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के संबंध में एक अनुमान सुझाता है।
दो बातें आवश्यक हैं।
अभिकथन विवाद्यक तथ्य या एक सुसंगत तथ्य से सीधा संपर्क करने वाला नहीं हो। वह पर्याप्त है यदि वह विवाद्यक तथ्य या सुसंगत की अभिस्वीकृति में एक अनुमान को सुझाता है।