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दृष्टांत - 5 मद्रास 239 - अवस्थिति का।
अ और ब संयुक्त रूप से एक धन-राशि के लिए स के प्रति उत्तरदायी है, जो अकेले अ के विरुद्ध एक वाद लाता है।
अ प्रतिवाद करता है कि वह अकेला ही या पृथकतः उत्तरदायी नहीं बनाया जा सकता है बल्कि ब सह प्रतिवादी के रूप में संयुक्त रूप से उत्तरदायी होना चाहिए।
ब के द्वारा द से एक स्वीकृति उसके संयुक्त दायित्व के संबंध में अ और स के मध्य में सुसंगत है और प्रमाणित की जा सकती है।
उसको द प्रमाणित कर सकता है यद्यपि ब को बुलाया नहीं जाता है।
अपराध-स्वीकरणः
एक अपराध-स्वीकरण का साक्ष्य दिया जा सकता है बशर्ते वह स्पष्ट रूप से अपवर्जित न हो चाहे वह एक निजी व्यक्ति या एक मजिस्ट्रेट से किया गया था।
यह कि, अपराध-स्वीकरण किया गया था, एक तथ्य है जो किसी अन्य तथ्य की भांति प्रमाणित होना चाहिए।
9 मद्रास 224 (240)
5 लाहौर 140
4 इलाहाबाद 46 (94)
8 डब्ल्यू.आर. 28
- दो प्रश्न उठते हैंः
I. अपराध-स्वीकरण क्या है?
II. वे मामले क्या हैं जिनसे अपराध-स्वीकरण का साक्ष्य अलग किया जाता है?
I . अपराध-स्वीकरण क्या है?
अधिनियम में अपराध-स्वीकरण की कोई परिभाषा अंतर्विष्ट नहीं है।
अतः शब्द की परिभाषा न्यायिक अर्थ निर्णय का विषय है।
अपराध-स्वीकरण एक अभिकथन है। एक स्वीकृति भी एक अभिकथन है,
यद्यपि यह एक अभियुक्त द्वारा एक अभिकथन है, जबकि स्वीकृति एक पक्ष
द्वारा अभिकथन हो सकता है। दो प्रश्न उठते हैंः
(1) अपराध-स्वीकरण एवं स्वीकृति के मध्य यथातथ्य अन्तर क्या है?
(2) कब एक अभियुक्त द्वारा एक अभिकथन एक अपराध-स्वीकरण है
और कब वह एक स्वीकृति है?
- एक अभियुक्त व्यक्ति द्वारा किया गया अभिकथन एक वर्ग से संबंध रखता
है, जिसको साक्ष्य अधिनियम ‘स्वीकृति’ कहता है, (धारा 17, 18) और
.......... वे करने वाले के विरुद्ध साक्ष्य है किन्तु उसके पक्ष में नहीं।
- अपराध-स्वीकरण फ्अभिकथनोंय् का एक उप-वर्ग है और यह स्वीकृति का