पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 108

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( ii ) यदि संपत्ति 100/- रु. से कम मूल्य की है, तब अंतरण या तो पंजीकरण

द्वारा या कब्जा परिदान करके हो सकता है।

  1. यह स्पष्ट है कि एक के सिवाए सभी मामलों में विक्रय को प्रभावी करने

की विधि केवल पंजीकरण ही है। वह मामला जहां या तो पंजीकरण करने

या कब्जा प्रदान किए जाने का विकल्प दिया गया है वह मामला है जहां

संपत्ति भूत है और मूल्य में 100/- रु.से कम है।

  1. पंजीकरण एवं परिदान मानक लिपि विधा पूर्ण ढंग के रूप में - इस संबंध

में निम्नोक्त मुद्दे ध्यान में रखे जा सकते हैं -

( i ) जहां पंजीकरण अन्तरण के एकमात्र ढंग के रूप में निर्धारित है, वहां

कब्जा प्रदान करना न तो आवश्यक है न विक्रय संव्यवहार को पूर्ण करने

के लिए काफी ही है।

( ii ) जहां कब्जा परिदान करना निर्धारित है, वहां विक्रय के पूर्ण होने के लिए

पंजीकरण आवश्यक नहीं है। तथापि बिना परिदान के पंजीकरण विक्रय

को पूर्ण करने के लिए पर्याप्त होगा।

  1. अंतरण का कोई अन्य ढंग नहीं .... अंतरण के ढंगों के प्रावधान निःशेषी

हैं और विक्रय किसी अन्य युक्ति से प्रभावित नहीं हो सकता है। हकी

स्वीकरण विलेख में विवरण देने या अधिकारियों को याचिकाओं से या

अधिकार अभिलेखों में प्रविष्टि से संक्रान्त नहीं हो सकता है। यह स्वीकरण

की भूमि बेच दी गई है, विबंधन के रूप में लागू नहीं होगी। इस प्रकार एक

पंजीकृत हस्तांतरण या परिदान के लिए विक्रय से छुटकारा मिल जाए।

43 कलकत्ता 790 8. अन्तरण के निर्धारित ढंगों का पालन करना आवश्यक हैः-

(i) स्वामित्व निर्धारि रूप में अन्तरण के सिवाए संक्रान्त नहीं होता है।

(ii) एक अपंजीकृत विलेख पर्याप्त नहीं है।

(अ) उन मामले में जहां पंजीकरण अनिवार्य है।

(ब) उन मामलों में भी जहां मूल्य 100/- रु. से कम है और अंतरण परिदान द्वारा नहीं किया गया है।

  1. मूर्त एवं अमूर्त का अर्थ -

( i ) अचल संपत्ति या तो मूर्त होती है या अमूर्त।

( ii ) मूर्त एवं अमूर्त के बीच भिन्नता अंग्रजी विधि में वर्णित मूर्त भूसंपत्ति एवं

अमूर्त भूसंपत्ति के बीच भिन्नता एक समरूप है।

( iii ) मूर्त भूसंपत्ति भूमि के कब्जे में हित है अर्थात् भूमि के कब्जे का उपभोग

करने के लिए वर्तमान अधिकार। अभौतिक दायित्व एक अन्य व्यक्ति के