100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
लागू होंगे।
34 कलकत्ता 223 (228)ः 27 बम्बई एस.आर. 1449
(5) चल संपत्ति का बंधक बिना लेख के प्रभावी हो सकता है।
(6) एक व्यवहार्य दावे का बंधक-लिखित रूप में - यद्यपि चल संअ.अ. की धारा 130 के कारण - 37 बम्बई 198 (बम्बई) 198 (पी.सी.) बीमा पॉलिसी का निक्षेप।
हित का अंतरणः
इसका अर्थ है, संपत्ति के संबंध में बंधक कर्त्ता के किसी अधिकार का अंतरण।
स्वामित्व अधिकारों का एक समूह होता है, जैसे कि कब्जा करने के अधिकार, उपभोग, विक्रय आदि का अधिकार।
यह पर्याप्त है यदि इन अधिकारों में से एक अंतरित किया जाता है। अंतरित अधिकार भिन्न-भिन्न हो सकते हैंः
(i) वह विक्रय करने का अधिकार हो सकता है।
(ii) वह उपभोग करने का अधिकार हो सकता है।
(iii) वह स्वामित्व रखने का अधिकार हो सकता है।
- अंतरित अधिकार की प्रकृति किसी परिणाम का विषय नहीं है जब तक कि कोई अधिकार अंतरित किया जाता है।
III. प्रयोजन उधार दी गई धनराशि की अदायगी को सुनिश्चित करना हो।
प्रतिभूति की युक्ति से हित अंतरण है। प्रतिभूति का विचार दो बातों में निहित रहता है। एक तो ऋण या मौद्रिक दायित्व अवश्य होना चाहिए और दूसरे उस दायित्व को पूर्ण करने के लिए किसी संपत्ति का बंधक अवश्य होना चाहिए।
अंतरण का प्रयोजन ऋण प्राप्त करना होना चाहिए। ऋण प्राप्त करने के लिए किया गया अंतरण उस अंतरण से जिसका प्रयोजन ऋण को चुकाना है, निश्चित ही भिन्न होना चाहिए।
25 इलाहाबाद 115 आई.ए. 54ः11 बम्बई 462
- अंतरित अधिकार व्यक्ति को ऋण की वापसी के योग्य करना हो। अंतरण ऋण को निर्वापित नहीं करे। यदि अंतरण का प्रभाव ऋण का निर्वापण करने वाला है, तब यह बंधक नहीं है।
दृष्टांतः-
11 बम्बई 462 अब्दुल भाई बनाम काशी
1862 में, अ ने 150/- रु. के प्रति फलस्वरूप ब को एक लिखित कर्ज रुक्का (या ऋण नोट) दिया। (अन्य बातों के साथ-साथ) यह सिद्ध हुआ कि ब, अ से संबंधित एक निश्चित भूमि खण्ड को बीस वर्ष तक धारित एवं उपभोग करेगा कि अन्त में भूमि