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बंधक के विभिन्न वर्ग
- धारा बंधक के छः वर्गों का प्रगणन करती हैः-
(i) सादा बंधक।
(ii) सशर्त विक्रय द्वारा बंधक।
(iii) भोगा बंधक।
(iv) अंग्रेजी बंधक।
(v) साम्यिक बंधक।
(vi) विलक्षण बंधक।
- बंधक के विभिन्न वर्गों के लक्षणः-
(I) सादा बंधक
- साधारण बंधक में दो बातें आती हैंः-
(i) अदा करने के लिए अभिव्यक्त अथवा विवक्षित वैयक्तिक बाध्यता।
(ii) संपत्ति को बिकवाने के अधिकार का अंतरण।
वैयक्तिक बाध्यता -
- जब व्यक्ति ऋण को स्वीकार करता है तो अदा करने का एक वैयक्तिक दायित्व होगा, जब तक कि एक विशेष निधि से अदा करने का समझौता नहीं है।
10 कलकत्ता, 740, 22 कलकत्ता 434, 16 कलकत्ता 540, 13 मद्रास 192,
15 मद्रास 304, 27 मद्रास 526, 86 (1) ऋण प्रतिभूत ऋण या अप्रतिभूत ऋण हो सकता है।
(2) प्रत्येक अप्रतिभूत ऋण में अदा करने की वैयक्तिक बाध्यता होती है।
44 आई.ए. 87 (3) ऋण का एकमात्र मामला जिसमें अदा करने के वैयक्तिक दायित्व को नकारा
जाता है, वही होता है जहां विशेष निधि में से अदा करने का समझौता
हो,
मामले 10 कलकत्ता 740, 22 कलकत्ता 434, 16 कलकत्ता 540, 13 मद्रास
192, 15 मद्रास 304, 27 मद्रास 526, 86 (4) क्या ऋण में, जिसके लिए प्रतिभूति है अदा करने की वैयक्तिक बाध्यता
होती है अर्थान्वयन का प्रश्न है। विधि में दो प्रतिपादन का उल्लेख किया जा
सकता है।
( i ) वैयक्तिक दायित्व इस तथ्य मात्र से हटाया नहीं जाता है कि ब्याज के
साथ ऋण चुकाने के लिए प्रतिभूति दी जाती है।
( ii ) प्रतिभूति की प्रकृति एवं शर्तें ऋणों की ओर से किसी वैयक्तिक दायित्व