112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
32 कलकत्ता, 550
यदि व्यक्ति अपना नाम लिखने में असमर्थ है, तो हस्ताक्षर के अंतर्गत ‘चिह्न’ भी समाहित है।
(2) अनुप्रमाणन
अनुप्रमाणन - अनुप्रमाणन करने का अभिप्राय साक्षी होना सत्य या असली होने की पुष्टि करना, साक्ष्यांकित, प्रमाणित करना। अनुप्रमाणन का अर्थ है, साक्षियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर द्वारा विलेख या वसीयत के निष्पादन का सत्यापन। अनुप्रमाणन साक्षी वह साक्षी है जो सत्यापन में हस्ताक्षर करता है।
ऐसा होने पर, प्रश्न है, क्या अनुप्रमाणन साक्षी प्रपत्र के निष्पादन पर अवश्य उपस्थित होना चाहिए या एक साक्षी जो वाद में बंधककर्ता द्वारा निष्पादन की अभिस्वीकृति मात्र पर अपना नाम अंकित करता है, क्या अनुप्रमाणन के संबंध में विधि की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है?
प्रीवी काउंसिल ने निर्धारित किया है कि अनुप्रमाणन साक्षी प्रपत्र के निष्पादन पर अवश्य ही उपस्थित होना चाहिए और मात्र अभिस्वीकृति यथेष्ट नहीं होगी। 39 आई.ए. 218_ 35 मद्रास 607, जो इलाहाबाद एवं बम्बई के निर्णयों के विपरीत हैं, - 27 बम्बई 91 एवं 26 इलाहाबाद 69
पर्दानशीनों का अनुप्रमाणन
- वही नियम लागू होता था। पर्दे में रहने वाली महिला के हस्ताक्षर निश्चित रूप से साक्षी की उपस्थिति में होने चाहिए अन्यथा वह एक अनुप्रमाणन साक्षी नहीं कहा जा सकता है।
मामले विधि
45 आई.ए. 94
100/- रु. से अधिक का बंधक-नामा जो उसके अवयस्क पुत्र की ओर से एक पर्दानशीन महिला द्वारा हस्ताक्षरित और अनुप्रमाणित होना तात्पर्यित था। साक्ष्य से यह प्रकट हुआ कि महिला पर्दे के पीछे थी जब विलेख उसके पास हस्ताक्षर के लिए ले जाया गया। साक्षियों ने उसको उस पर हस्ताक्षर करते हुए नहीं देखा, किन्तु उसका पुत्र पर्दे के बाहर आया और उनसे कहा कि उस पर उसकी मां के द्वारा हस्ताक्षर कर दिए गए हैं, इस पर उन्होंने एक साक्षी के रूप में हस्ताक्षर कर दिएः-
निर्णीत हुआ कि विलेख, सम्पत्ति अंतरण की धारा 59 के अर्थ में फ्अनुप्रमाणितय् नहीं था।
42 आई.ए. 163
बंधक-विलेख दो पर्दानशीन महिलाओं द्वारा निष्पादित किया गया माना गया। दोनों अनुप्रमाणित साक्षियों के साक्ष्य से यह प्रकट हुआ कि उन्होंने हर एक निष्पादक के