संक्रामणों के अन्य रूपों से बंधक की तुलना बंधक और विक्रय - Page 133

116 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

कोई नव अधिग्रहीत राज्यक्षेत्र ब्रिटिश भारत का एक अनुबंधन भाग हो जाता है - ऑन्सले बनाम प्लाउडन (1856-59), 1 बम्बई 145

किन्तु वह अपनी विधियों को तब तक बनाए रखता है जब तक कि वे सम्राट या विधानमंडल द्वारा प्रवर्तित नहीं की जाती है। 19 बम्बई 680 (686) अनुगमित 1 एम.आई.ए. 175/271

अधिनियम जैसे कि भारतीय विधान मंडल द्वारा पारित स्टॉम्प अधिनियम बहुत स्थानों के लिए लागू किया गया है, जो यद्यपि ब्रिटिश भारत के बाहर हैं (अर्थात् बेंगलोर, हैदराबाद अभ्यर्पित क्षेत्र, बड़ौदा घवनीः माउंट-आबू आदि) धाराएं 4 एवं 5 विदेशी अधिकारिता एवं प्रत्यर्पण अधिनियम 1879 और भारतीय (विदेशी अधिकारिता) परिषद आदेश 1902 के अधीन अधिसूचनाओं द्वारा ब्रिटिश प्रशासन के अधीन हैं।

बंधक लेने या देने की क्षमता

  1. बंधक संपत्ति का अंतरण एवं संविदा भी है। अतः उसको निश्चित रूप से एक वैध संपत्ति के अंतरण के लिए और एक वैध संविदा के लिए निर्धारित क्षमता की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहिए।

संपत्ति के वैध अंतरण की सामर्थ्य के संबंध में अपेक्षाएं

  1. संपत्ति के अंतरण से अभिप्राय है ऐसा कार्य जिसके द्वारा एक जीवित व्यक्ति एक

या एक से अधिक अन्य जीवित व्यक्तियों या स्वयं को या स्वयं एवं एक या

अधिक अन्य जीवित व्यक्तियों को संपत्ति का अंतरण करता है। धारा 5 2. बंधक संपत्ति अंतरण का एक कार्य है इसलिए कार्य के पक्षों का जीवित व्यक्ति

अवश्य होना चाहिए।

  1. जब यह कहा जाता है कि दोनों व्यक्ति निश्चिततः जीवित होने चाहिए तो यह

स्पष्ट है कि दो प्रभेद करने का आशय हैः-

(i) अंतरजीवी अंतरण एवं बिल।

(ii) अंतरण एवं हित के सृजन के मध्य (धाराएं 13, 14, 16 एवं 20) 4. विल वसीयतकर्त्ता की मृत्यु से प्रवर्तित होती है। अतः बंधक वसयित के द्वारा

सृजित नहीं हो सकता है। निश्चित रूप से उसे अंतरजीवी होना चाहिए। वसीयत

दो जीवित व्यक्तियों के मध्य हस्तांतरण के रूप में प्रवर्तित नहीं होती है। 5. बंधक हित का अंतरण है। धाराएं 13, 14, 16-20 अनुमत करती हैं कि हित

अंतरण के दिनांक पर अविद्यमान व्यक्ति के पक्ष में सृजित किया जा सकता है।

किन्तु बंधक हित का सृजन नहीं है, वरन् यह हित का अंतरण है।

जीवित

  1. जीवित शब्द का क्या अभिप्राय है? क्या इसका अभिप्राय है एक व्यक्ति जिसकी

प्राकृतिक मृत्यु नहीं है या क्या इसका अभिप्राय है कि एक व्यक्ति की सिविल