जिसके वह अधीन है के द्वारा संविदा करने से अयोग्य नहीं किया गया है।
- एक दिवालिया की अयोग्यता।
एक दिवालिया को उसके द्वारा वाद में उपर्जित किसी संपत्ति के साथ व्यवहार करने की क्षमता के संबंध में एक बात कही जा सकती है। अब यह निर्धारित विधि है कि एक दिवालिया, जो अपना अंतिम उन्मोचन प्राप्त नहीं कर चुका है, अपने द्वारा उपार्जित अचल संपत्ति पर एक बंधक सृजित नहीं कर सकता है।
हकदार
- प्रश्न है कि क्या हकदार का अभिप्राय एक पूर्ण स्वामी के रूप में या एक सीमित
स्वामी के रूप में हकदार से है।
- पूर्ण स्वामी की बंधक करने की क्षमता है यह स्पष्ट है। प्रश्न है कि क्या सीमित
स्वामी की बंधक करने की क्षमता है।
- बंधक करने की अभिव्यक्ति शक्ति के बिना विक्रय के लिए न्यास पर संपत्ति
धारक व्यक्ति।
सामान्यतः यह निर्धारित किया जा सकता है कि पूर्ण परिवर्तन के लिए निदेश युक्त विक्रय के लिए न्यास बंधक प्राधिकृत नहीं करता है।
- भागीदार-भागीदारी-ऋण प्रतिभूत करने के लिए भागीदारी संपत्ति को बंधक कर
सकता है।
- भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के अधीन एक निष्पादक या प्रशासक अंतरण के
लिए सक्षम है।
- हिन्दू विधवा, संयुक्त हिन्दू परिवार का एक सदस्य, संयुक्त हिन्दू परिवार का कर्ता,
हिन्दू धार्मिक धर्मदायों का न्यासी।
- अंतिम दो अपनी शक्ति एवं आवश्यकता रखने वाले हैं।
अंतरणीय संपत्ति
- व्यक्ति चाहे पूर्ण स्वामी है या सीमित स्वामी, विषय-वस्तु अंतरणीय संपत्ति होनी
चाहिए।
- अंतरणीय संपत्ति क्या है?
( i ) धारा 6 व्यक्त करती है - इस अधिनियम या किसी अन्य विधि द्वारा अन्यथा
प्रावधानित के सिवाए किसी प्रकार की संपत्ति अंतरणीय हो सकती है। हर
प्रकार की संपत्ति अंतरणीय है जब तक कि उसे अंतरण विधि द्वारा निषिद्ध
नहीं किया जाता है।
( ii ) अपवाद दो शीर्षकों के अंतर्गत आते हैंः
(अ) मात्रतः वैयक्तिक अधिकार अंतरित नहीं किए जा सकते हैं।