संक्रामणों के अन्य रूपों से बंधक की तुलना बंधक और विक्रय - Page 138

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कि संविदा का रूप निश्चित हो ओर धारा 29, संविदा अधिनियम एवं धारा

93, साक्ष्य अधिनियम का अवलम्ब लिया एवं रखा जाता है। (2) अस्पष्टता एक भ्रामक शब्द है। इसका अर्थ (1) या तो यह हो सकता है

कि भाषा इतनी अस्पष्ट है कि वह समझी नहीं जा सकती है, या (2) कि

संपत्ति जिससे यह संबंधित है संविदा में विनिर्दिष्ट नहीं है। (3) फिर भी अनिश्चित को प्रायः व्यापकता समझ लिया जाता है। संविदा की विषय-वस्तु विस्तृत किन्तु निश्चित भी हो सकती है। दूसरी ओर वह विस्तृत नहीं किन्तु फिर भी अनिश्चित हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति कहता है, फ्मैं अपनी समग्र भूमीय संपत्ति को बंधक करता हूंय्, यह विस्तृत है किन्तु निश्चित है। यदि कोई व्यक्ति, जिसके कई मकान हैं, कहता है फ्मैं अपने मकानों में से एक को बंधक करता हूंय् वर्णन विस्तृत नहीं है किन्तु इस पर भी यह अनिश्चित है। (4) संपत्ति अंतरण अधिनियम में ‘विनिर्दिष्ट’ शब्द का प्रयोग उसे सामान्य से

विशेष बनाने और जब तक कि संपत्ति विलेख में विशेष रूप से उल्लिखित

नहीं की जाती है, विधि की दृष्टि में बंधक नहीं हो सकता है। (5) सम्पत्ति विनिर्दिष्ट की जाए यद्यपि विधि में यह व्यक्त नहीं है कि वह किसी

विशेष युक्ति से विनिर्दिष्ट हो।

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