बंधककर्त्ता का व्यवस्था करने का अधिकार - Page 151

134 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(II) अदायगी द्वारा प्राथमिकता

प्रश्न - क्या एक बधंकी एक पूर्वतर बंधकी के अधिकारों को क्रय करके एक मध्यवर्ती बंधकी पर प्राथमिकता ग्रहण कर सकती है?

धारा 93

  1. बंधकी एक पूर्वतर बंधकी को धन चुका कर मध्यवर्ती बंधकी के ऊपर प्राथमिकता

उपार्जित नहीं कर सकता चाहे वह मध्यवर्ती बंधकी के जानकारी के या बिना

जानकारी चुका देता है।

  1. बंधकी बंधककर्त्ता को एक पश्चात्वर्ती उधार देने से एक मध्यवर्ती बंधकी के ऊपर

ऐसे पश्चात्वर्ती उधार से प्राथमिकता अर्जित नहीं करेगा भले ही वह मध्यवर्ती

बधंकी की जानकारी के बिना उधार दे।

धारा 79

यह धारा द्वितीय नियम द्वारा 93 में निर्धारित के एक अपवाद स्वरूप है।

धारा 93 के अधीन पश्चात्वर्ती बंधकी पूर्ववर्ती बंधक की सूचना होते हुए किसी पश्चात्वर्ती आगम के संबंध में यदि पूर्ववर्ती बंधक उधारों के प्रतिभूत करने के लिए किया जाता है और यदि पश्चात्वर्ती उधार अधिकतम से अधिक नहीं है।

क्रमबंधन के लिए बंधकी का अधिकार

धारा 81

धारा 82

क्रम बंधन का प्रश्न

(1) यह तब उद्भूत होता है जब दो या अधिक संपत्तियां दो भिन्न बंधकियों को एक ऐसी युक्ति से बंधक की जाती है कि दोनों संपत्तियां एक बंधकी के बंधक अधिकारों के अधीन है जबकि केवल, एक-दूसरे के बंधक अधिकारों के अधीन है।

दृष्टांतः-

अ दो संपदाओं का स्वामी है - व्हाइटएकर एवं ब्लैकएकर। अ व्हाइटएकर और ब्लैकएकर ब को बंधक रखता है और उसके बाद ब्लैकएकर स को बंधक रखता है।

जो स्थिति उत्पन्न होती है वह यह है। ब व्हाइटएकर एवं ब्लैकएकर का बंधक रखता है। स केवल ब्लैकएकर पर एक बंधक रखता है। बंधक धन की प्राप्ति करने की दृष्टि से ब को दोनों व्हाइटएकर एवं ब्लैकएकर को विक्रय करने का अधिकार है जबकि स को केवल ब्लैकएकर को बेचने का अधिकार है।

यदि ब उसके अधिकार को बंधकी के रूप में प्रयुक्त करने को अनुमत किया गया स को परिरक्षित करने के दौरान आबंधन के सिद्धांत को साम्या में खोजा गया - इसके अधीन साम्या में ब को उस संपत्ति के विरुद्ध जो एक-दूसरे बंधकी ऋण की प्रतिभूति