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की विषयवस्तु नहीं थी कार्यवाही करने को बाध्य किया। यह धारा 81 में निहित है।
टिप्पणी
बंधक के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह पूर्व बंधक की इस क्रम में सूचना नहीं रखता था कि वह क्रमबंधन के फायदे का दावा कर सके।
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8 साक्ष्य विधि
1. फ्साक्ष्यय् शब्द का (अर्थ)
संविधियों में प्रयुक्त अधिकांश शब्दों की भांति ‘साक्ष्य’ शब्द का सामान्य के साथ ही तकनीकी अर्थ भी है।
सामान्य (अर्थ)
‘साक्ष्य’ अपने साधारण अर्थ में उसे प्रकट करता है जो प्रश्नगत विषय के सत्य को प्रत्यक्ष करता है।
4 मद्रास 393
तकनीकी (अर्थ)
यह शब्द ‘साक्ष्य अधिनियम’ में एक तकनीकी अर्थ में प्रयोग किया जाता है।
धारा 3 उस भाव को परिभाषित करता है, जिसमें साक्ष्य शब्द फ्साक्ष्य अधिनियमय् में प्रयोग किया जाता है। उस धारा के अनुसार साक्ष्य से अभिप्रेत है और उसके अंतर्गत आते हैंः
(1) वे सभी कथन जिनके जांचाधीन तथ्य के विषयों के संबंध में न्यायालय अपने समक्ष साक्षियों द्वारा दिए जाने की आज्ञा देता है या अपेक्षा करता है।
(2) न्यायालय के निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज।
साक्ष्य शब्द की यह परिभाषा अपूर्ण है। साक्षियों के अभिसाक्ष्य और लेख (दस्तावेज) जिनकी धारा में परिभाषा दी गई है साक्ष्य शब्द के मात्र अंतर्गत आते हैं, वे दो प्रमुख संसाधन हैं और विषय वस्तु हैं जिन पर न्यायाधीश को न्यायनिर्णित करना है, उसके सामने लाए जाते हैं। साक्षियों का परीक्षण अनिवार्य है और उसके द्वारा दस्तावेजों की विषय वस्तु के अतिरिक्त सभी तथ्य प्रमाणित किए जा सकते हें (धारा 59) क्योंकि एक लेख के प्रमाण के लिए उस व्यक्ति के द्वारा एक कथन के रूप में जिसके द्वारा वह लिखा गया अथवा तथाकथित है, मौखिक साक्ष्य की अपेक्षा की जाती है। (धारा 63-73)
फ्प्रमाणितय् शब्द की परिभाषा के साथ तुलना किए जाने पर शब्द फ्साक्ष्यय् की यह परिभाषा संकुचित है। प्रमाणित शब्द की परिभाषा के अनुसार,