138 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
अन्य विधि प्रबल थी।य्
लॉर्ड हरशैल का कथन हैः
(पृष्ठ 144)
यह सही कारण है कि प्रथमतः संविधि की भाषा का परीक्षण किया जाए और पूछा जाए कि इसका स्वाभाविक अर्थ क्या है? विधि की पहले की दशा अवस्थिति से उत्पन्न विचारों से अप्रभावित हुए और यह पता लगाए बिना कि नियम पहले कैसा था। और तब यह मानते हुए कि यह संभवतः अभीष्ट था उसे अपरिवर्तित छोड़ देना और यह देखना कि इस दृष्टिकोण के साथ समानरूपता में शब्दों की एक व्याख्या करनी होगी। 3. विधि की एक विशेष शाखा के संहिताकरण का उद्देश्य है कि उसके द्वारा किसी
भी बिन्दु पर विशेष रूप से प्रयोग में लाई गई ऐसी विधि संहिताबद्ध अधिनियम में
खोजी जानी चाहिए जो प्रयुक्त भाषा की व्याख्या करने पर सुनिश्चित की जाती है। 4. एक समेकन अधिनियम की संरचना एक समेकन अधिनियम के संबंध में
संरचना का नियम (1894) 2 सी.एच. 557 में लिखित किया गया है।
न्यायमूर्ति शिट्टठ्ठी जे. (पृष्ठ 561) ने लॉर्ड हॉल्सबरी में एक संहिताबद्ध अधिनियम के संबंध में बैंक ऑफ इंग्लैंड बनाम वॉग्लेयानो में निर्धारित संरचना के नियम को संदर्भित करने के बाद देखाः-
किन्तु मुझे यहां विधि को संहिताबद्ध करने वाले एक संसद के अधिनियम के साथ व्यवहार नहीं करना है किन्तु विधि को संशोधित करने और समेकित करने वाले एक अधिनियम के साथ व्यवहार करना है और इसलिए मैं यह कहता हूं ये अवलोकन (लॉर्ड हॉल्सब के) लागू नहीं होते और मैं सोचता हूं विधायिका के अभिप्राय को सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए विधि की पूर्ववर्ती अवस्थिति को संदर्भित करना इस संशोधनकारी और समेकन अधिनियम की धारा के संशोधन में वैध है।य् 5. समेकन का उद्देश्य विद्यमान विधि के बिखरे हुए भागों को एकत्रित करना मात्र
है। यह केवल पुरानी विधि का पुनराअधिनियमिति है। यह विधि का एक नवीन
अधिनियमन नहीं है। प्रथम दृष्टया इसके उपबंधों को वही प्रभाव देना ही है जैसा
उन अधिनियमों को दिया गया था जिनके लिए इसे प्रतिस्थापित किया गया था। 6. भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसा कि प्रस्तावना में दिया गया है, साक्ष्य विधि को
समेकित, परिभाषित एवं संशोधित करने वाला अधिनियम है। यह एक संविधि
नहीं है, जो मात्र साक्ष्य का समेकन एवं संशोधन करती है, अर्थात् साक्ष्य विधि
को संहिताबद्ध करती है। इसकी संरचनाएं बैंक ऑफ इंग्लैंड बनाम वॉग्लेयानो में
निर्धारित नियमों द्वारा शासित होंगी न कि इसमें निर्धारित नियमों से।