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142 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

  1. अधिनियम लागू नहीं होताः-

(i) सेना अधिनियम या वायुसेना अधिनियम के अंतर्गत एक कोर्ट मार्शल में

या उसके समक्ष न्यायिक कार्यवाहियों में।

(ii) किसी न्यायालय या अधिकारी को प्रस्तुत शपथ पत्रों पर।

(iii) एक मध्यस्थ के समक्ष कार्यवाहियों में।

एक कोर्ट मार्शल के समक्ष कार्यवाहियां

  1. अधिनियम, भारतीय सेना अधिनियम के अंतर्गत एक कोर्ट मार्शल की

कार्यवाहियों पर लागू नहीं होता, अर्थात् स्थानीय कोर्ट मार्शल के लिए लागू

होता है 1911 का सप्तम अधिनियम।

  1. अधिनियम भारतीय समुद्रीय न्यायालयों के समक्ष सभी कार्यवाहियों में भी

लागू होता है।

1887 का चौदहवां अधिनियम सं. 68

1898 का पांचवां अधिनियम

1898 का सत्रहवां अधिनियम

1899 का पहला अधिनियम

  1. अधिनियम ब्रिटिश सेना या वायुसेना अधिनियम के अंतर्गत कोर्ट मार्शल के

समक्ष की गई कार्यवाहियों में, लागू नहीं होता।

साक्ष्य से संबंधित प्रश्न एक्स लोसी कन्ट्रेक्टस द्वारा निश्चित किए हैं कि उस देश की विधि द्वारा, जहां प्रश्न उठता है, जहां पर सुधार का लागू होना देखा जाता है और उसे लागू करने के लिए न्यायालय बैठता है।

साक्ष्य विधि जो एक न्यायालय के समक्ष कार्यवाहियों को चलाती है तात्कालिक (एक्सफोरी) होती है।

साक्ष्य अधिनियम का यह प्रावधान इस सामान्य सिद्धांत का एक अपवाद है।

II. शपथ पत्र

  1. साधारणतः साक्षियों की गवाही न्यायाधीश की उपस्थिति और उसके वैयक्तिक

निर्देशन तथा अधीक्षण में खुले न्यायालय में मौखिक रूप से ली जाएगी।

(आदेश 18 आर. 1 सी.पी.सी.) 2. शपथपत्र, एक साक्ष्य है जिसमें एक शपथ या प्रतिज्ञान दिलाने को प्राधिकृत व्यक्ति

के समक्ष शपथ या सत्य प्रतिज्ञान पर लिखित वक्तव्य या घोषणा पत्र में समाया है। 3. शपथपत्र से संबंधित विषय दीवानी प्रक्रिया संहिता द्वारा विनियमित किया गया

साक्ष्य है।