कितने अपराधियों के विचारण न्यायालय एक साथ कर सकती है। - Page 20

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धारा 69

वैयक्तिक तामील

  1. यदि व्यावहारिक हो तो सम्मन की एक प्रति देते या प्रस्तुत करते हुए वैयक्तिक

तौर पर तामील की जाए।

  1. सम्मन तामील कृत प्रत्येक व्यक्ति, यदि तामीलकर्त्ता अधिकारी ऐसी अपेक्षा करे

तो दूसरी प्रतिलिपि की पिछली तरफ हस्ताक्षर करके रसीद देगा।

3. निगमों पर तामील

निगमित कंपनी या अन्य निगमित संस्थानों पर सचिव, स्थानीय प्रबंधक या ब्रिटिश भारत में निगम के प्रमुख अधिकारी, पर तामील होकर प्रभावी हो सकता है। ऐसे मामले में तामील प्रभावी समझी जाएगी, जब सम्मन सामान्य डाक से आ जाए।

धारा 70

जब व्यक्ति पाया नहीं जाए तो तामील की प्रतिलिपियों में से एक उसके परिवार के किसी वयस्क पुरुष के पास उसके लिए छोड़कर या प्रेसीडेंसी टाउन में उसके साथ रहने वाले उसके नौकर के पास छोड़कर तामील की जा सकती है।

वह व्यक्ति जिसके पास वह छोड़ा जाता है, प्रतिलिपि की पिछली तरफ हस्ताक्षर करेगा।

प्रतिस्थापित तामील अनुचित है जहां अभियुक्त को वैयक्तिगत तौर पर तामील करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जाते हैं।

धारा 71

यदि यह संभव नहीं है तो तामीलकर्त्ता अधिकारी सम्मन की प्रतिलिपियों में से एक को घर या वासित भूमि, जिसमें सम्मानित व्यक्ति साधारणतः रहता है, के सुप्रकट भाग पर चस्पा करेगा।

धारा 72

सरकारी या रेलवे कम्पनी के नौकर पर तामील।

जहां समनित व्यक्ति सरकार या रेलवे कंपनी की सक्रिय सेवा में है, सम्मन जारी करने वाला न्यायालय साधारणतः उस कार्यालय के, जिसमें ऐसा व्यक्ति नियोजित है, प्रमुख को दो प्रतियां भेजेगा, और वह प्रमुख उस पर सम्मन की धारा 69 में बताई युक्ति से तामील कराएगा और उसे उस धारा में अपेक्षित पृष्ठांकन के साथ अपने हस्ताक्षर से न्यायालय को वापस करेगा।

सम्यक तामील का साक्ष्य होगा।