188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
स्तंभ 1 - उस दावे, जिसके लिए वाद लाया जाता है या अपील या वाद आवेदन किया जाता है को वर्णित करता है।
वादों के 154 विभिन्न वर्गों के लिए प्रावधान किया गया है।
अपीलों के 9 विभिन्न वर्गों के लिए प्रावधान किया गया है।
आवेदन/प्रार्थना पत्रों के 26 विभिन्न वर्गों के लिए प्रावधान किया गया है।
इन प्रावधानों से प्रत्येक को क्रमशः संख्याकित किया गया है और (वह) अनुच्छेद संख्या अमुक कहलाता है। कुल मिलाकर 189 अनुच्छेद अनुसूची में हैं यद्यपि अंतिम संख्या 183 है, वह इस कारण है कि कुछ अनुच्छेदों की वही संख्या है और उसके साथ (अ) जोड़कर भिन्न किए गए हैं।
स्तंभ 2 - उस समयावधि को विनिर्दिष्ट करता है जिसके अंतर्गत वाद अवश्य प्रस्तुत किया जाना चाहिए, अपील या आवेदन/प्रार्थना पत्र अवश्य कर दिए जाने चाहिए।
स्तंभ 3 - सीमा काल के प्रारंभ के बिन्दु को विनिर्दिष्ट करता है। वाद अवश्य प्रस्तुत या अपील या आवेदन/प्रार्थना पत्र अवश्य कर दिए जाने चाहिए।
- अधिनियम की धाराएं जहां तक कि वे निर्धारण विधि से भिन्न रूप में परिसीमा विधि के बारे में है अनुसूची के तीन स्तंभों से उद्भूत होने वाले प्रश्नों के विषय में है। अतः अनुसूची परिसीमा विधि का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग है।