6 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
धारा 78
- वारंट भूमिधर, कृषक या भूमि-प्रबंधक को निदेशित किया जा सकता है।
(1) किसी फरार अभियुक्त, (2) घोषित अपराधी, या (3) ऐसा व्यक्ति जो गैर-ज़मानती अपराध का अभियुक्त है और जो खोज से बचता रहा है। 2. उसे कौन हस्ताक्षरित एवं निष्पादित करेगा, यदि व्यक्ति अपने प्रभार की भूमि पर है। 3. वह व्यक्ति गिरफतार होने पर निकटतम पुलिस थाने को दे दिया जाएगा।
धारा 79
वह पुलिस अधिकारी जिसको वारंट भेजा गया है, उस पर पृष्ठांकन करके एक अन्य पुलिस अधिकारी को उसे निष्पादित करने को दे सकता है।
धारा 80
गिरफतार करने वाला पक्ष गिरफतार किए जाने वाले व्यक्ति को वारंट का सार सूचित करेगा।
धारा 81
प्रतिभूति के संबंध में धारा 76 के प्रावधानों के अधीन गिरफतारी करने वाला पक्ष बिना अनावश्यक विलम्ब के गिरफतार व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष लाएगा, जिसकी उसे प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है।
धारा 82
गिरफतारी वारंट ब्रिटिश भारत में किसी भी स्थान पर निष्पादित किया जा सकता है। धारा 83
- जब वारंट की तामील जारीकर्त्ता न्यायालय के न्यायक्षेत्र की स्थानीय सीमाओं
के बाहर की जानी है तो वह न्यायालय पुलिस अधिकारी को ऐसा वारंट
भेजने के बजाए जिस न्यायक्षेत्र में इसकी तामील की जानी है उसकी स्थानीय
सीमा में डाक द्वारा अपना किसी मजिस्ट्रेट, अथवा जिला पुलिस अधीक्षक,
अथवा पुलिस आयुक्त को प्रेषित कर सकता है।
- मजिस्ट्रेट अथवा डी.एस.पी. अथवा आयुक्त जिसे ऐसा वारंट प्रेषित किया
गया है, उस पर अपना नाम पृष्ठांकित करेगा और व्यवहार्य होने पर, अपने
अधिकार-क्षेत्र की स्थानीय सीमाओं में इससे पूर्व प्रावधानित अनुसार तामील
करवाएगा।