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(iv) यदि विल्लंगम विक्रेता की भूमि एवं अन्य संपत्तियों पर सामान्य भार है
तो क्रेता उसके अन्य संपत्तियों में से उन्मोचित किए जाने के लिए आग्रह
कर सकता है।
(v) विक्रेता पर अधिरोपित यह दायित्व, संविदा का आनुषंगिक है और अंतरण
के बाद भी लागू हो सकता है।
विक्रेता के दायित्व
11. हस्तांतरण के पश्चात्
धारा 55 (1) (ब) - कब्जा देना
यह हस्तांतरण के बाद कब्जा देना विक्रेता का कर्त्तव्य है, और क्रेता को स्वयं कब्जा लेने के लिए नहीं छोड़ना है।
यह दायित्व विनिर्दिष्ट पालन के बाद के द्वारा प्रवर्तित कराया जा सकता है।
कब्जा देने के लिए समय -
(i) धारा यह व्यक्त नहीं करती है कि विक्रेता को कब्जा कब देना चाहिए।
(ii) धारा 55(4)(क) को देखने से पता चलता है कि कब्जा हक देना है। जब स्वामित्व क्रेता के पास जाता है। यह विक्रय विलेख के निष्पादन के समय होगा -
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(iii) विक्रेता कब्जा देने में मना इसलिए नहीं कर सकता है कि मूल्य अदा नहीं किया गया है जब तक कि प्रतिकूल आशय न हो।
(iv) कब्जे के लिए क्रेता का अधिकार और अदा न किए गए मूल्य के लिए विक्रेता का अधिकार उसी एक वाद में प्रवर्तित किए जा सकते हैं।
- कब्जे की प्रकृति
(i) कब्जे का अभिप्राय वास्तविक अधिभोग नहीं।
(ii) मूर्त संपत्ति के विषय में भौतिक कब्जा और प्रतीकात्मक कब्जे के विषय में अमूर्त संपत्ति पर्याप्त है।
(iii) उस संपत्ति के विषय में जो किराएदार या बंधकदार के कब्जे में है, प्रतीकात्मक कब्जा पर्याप्त है।
धारा 55(2) यह आश्वस्त करना कि हित अस्तित्व में है।
क्या यह विक्रेता का दायित्व ऐसा है जो हस्तांतरण के बाद या हस्तांतरण के पूर्व उद्भूत होता है इसके संबंध में दो दृष्टिकोण हैंः-