8 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
- ऐसा आदेश, ऐसे व्यक्ति की किसी संपत्ति की कुर्की उस जिले के अंतर्गत
जिसमें वह बनाई गई है, के प्राधिकृत करेगा।
धारा 89
कुर्क की गई संपत्ति की वापसी
यदि व्यक्ति, कुर्की के आदेश के दिनांक के बाद दो वर्षों के अंतर्गत उपस्थित होता है और समाधान करता है (1) कि वह फरार नहीं हुआ, या स्वयं को छिपाया नहीं और (2) कि उसे समय के अंतर्गत उपस्थित होने जैसी घोषणा का ज्ञान नहीं था।
धारा 90
वारंट किसके विरुद्ध निर्गत किया जा सकता है?
साधारणतः कोई भी आदमी यह कल्पना करेगा कि वह केवल अभियुक्त के विरुद्ध निर्गत किया जा सकता है। किन्तु ऐसा नहीं है। विधि यह है कि वारंट, एक जूरी सदस्य या निर्धारक के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को जिसे सम्मन जारी किया जा सकता है, जारी किया जा सकता है।
इसका अभिप्राय है कि वारंट एक साक्षी के विरुद्ध भी जारी किया जा सकता है।
परंतु -
(1) न्यायालय, उपस्थित होने के लिए समय से पूर्व यह विश्वास करने का कारण देखता है कि वह फरार हो गया है या सम्मन का आज्ञापालन नहीं करेगा। या
(2) किस समय पर वह उपस्थित होने से असफल रहता है और समय पर उपस्थित होने के लिए सम्मन सम्यक रूप से तामील किया हुआ दर्शाया जाता है किन्तु वह उपस्थित नहीं होता है।
सम्यक प्रक्रिया द्वारा न्यायालय के समक्ष बुलाए गए पक्षों की सतत
उपस्थितियों के लिए रक्षोपाय
धारा 91
जब कोई व्यक्ति, जिसकी उपस्थिति या गिरफतारी के लिए न्यायालय में पीठासीन अधिकारी सम्मन या वारंट निर्गत करने के लिए प्राधिकृत है न्यायालय में उपस्थित होता है, तो ऐसा अधिकारी उस व्यक्ति से न्यायालय में उपस्थिति के लिए प्रतिभूतियों के साथ या के बिना बंधपत्र निष्पादित करने की अपेक्षा कर सकता है।