अभिव्यक्त/घोषित न्यास का प्रतिसंहरण - Page 259

242 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

अध्याय - 3
अभिव्यक्त/घोषित न्यास का प्रतिसंहरण

धारा 78

  1. क्या न्यास प्रतिसंहरित किया जा सकता है या इस पर निर्भर करता है कि न्यास

कैसे सृजित किया जाता है।

(i) यदि न्यास विल द्वारा सृजित किया जाता है तो वसीयतकर्ता द्वारा उसकी इच्छा

पर प्रतिसंहरित किया जा सकता है। यह इसलिए है कि विल मृत्यु तक प्रभावी

नहीं होती है। प्रभावी होने से पहले ही उसे प्रतिसंहरित किया जा सकता है। 2. यदि न्यास विल से अन्यथा सृजित किया जाता है तब अर्थात् वसीयती विलेख

द्वारा या मौखिक शब्दों द्वारा तब वह केवल निम्न परिस्थितियों में ही प्रतिसंहरित

किया जा सकता है -

(i) यदि प्रतिसंहरण का शक्ति न्यास रचयिता के लिए अभिव्यक्ततः आरक्षित की

गई है।

(ii) यदि लाभग्राही सहमत है बशर्ते कि उनमें से सभी संविदा करने के लिए सक्षम

है।