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2. डोमिनियन प्रस्थिति पर टिप्पणी

डोमिनियन प्रस्थिति

  1. स्टेटयूट ऑफ वैस्ट मिनिस्टर कुछ हद तक उस विधि को अधिरूपित और संहिताबद्ध करता है जो ब्रिटिश साम्राज्य के ब्रिटिश राष्ट्रमंडल (ब्रिटिश कॉमनवेल्थ) के नाम से जाना जाता है_ इनके संवैधानिक संबंधों को विनियमित करता है।

  2. स्टेटयूट ऑफ वैस्ट मिनिस्टर डोमिनियनों पर लागू होती है और उनके लिए तथाकथित डोमिनियन प्रस्थिति की स्थापना करती है। हमारी विवेचना का उद्देश्य डोमिनियन प्रस्थिति के अभिप्राय को समझने का है।

1. डोमिनियन क्या है?

(1) एक अधिराज्य, एक उपनिवेश है जो स्टेटयूट ऑफ वैस्ट मिनिस्टर द्वारा डोमिनियन घोषित किया जाता है।

(2) उपनिवेश क्या है?

उपनिवेश, यूनाइटेड किंगडम एवं भारत से भिन्न एक ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र है।

(3) ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र क्या है?

ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र यू.के. को छोड़कर ब्रिटिश साम्राज्य का हर एक भाग है जिस पर ब्रिटिश सम्राट की संप्रभुता है।

(4) ब्रिटिश साम्राज्य क्या है?

(ब्रिटिश साम्राज्य) समग्र अधिक्षेत्रों को ज्ञापित करता है, जिन पर ब्रिटिश साम्राज्य की प्रभुसत्ता है या प्रभुसत्तात्मक नियंत्रण है। अतः इसमें सम्राट के सभी राज्य जिन पर वह संप्रभु है, एवं संरक्षित राज्य एवं सुरक्षित राज्य, सम्मिलित हैं, जिनके विदेशों से संबंध सम्राट द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। इसमें अधिदेशित राज्य क्षेत्र भी सम्मिलित हैं।

2. डोमिनियन प्रस्थिति क्या है?

(1) यह विषय और भी भली प्रकार समझा जा सकेगा यदि हम स्टेटयूट ऑफ वैस्ट मिनिस्टर द्वारा प्रारंभित शासन व्यवस्था की तुलना, उस शासन व्यवस्था से करें जो इसके लागू होने से पूर्व प्रवर्तित थी।

(2) जो व्यवस्था प्रवर्तन में थी, वह उत्तरदायी शासन के रूप में जानी जाती थी। अतः हमको प्रथम चरण में उत्तरदायी शासन के अभिलक्षणों को निश्चित समझ लेना चाहिए।

(3) उत्तरदायी शासन कुछ उपनिवेशों में ही क्यों आया और वह अन्यों में क्यों नहीं आया?